Chandigarh Petrol Diesel Limit: चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल भरवाने पर कोई लिमिट नहीं; DC का आ गया बयान

चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल भरवाने पर कोई लिमिट नहीं; DC का बयान जारी, कहा- ऐसा आदेश ही नहीं, शहर में मच गई थी हलचल, पढ़ें

Chandigarh DC Nishant Yadav Clarified That No Limit On Petrol Diesel

Chandigarh DC Nishant Yadav Clarified That No Limit On Petrol Diesel

Chandigarh Petrol Diesel Limit: चंडीगढ़ में आज सोमवार को पेट्रोल-डीजल खरीद पर लिमिट लगने को लेकर काफी ज्यादा हलचल देखी गई. दरअसल शहर के सेक्टर-17 के एक पेट्रोल पंप पर तेल लिमिट के पोस्टर लगे देखे गए। जिनमें लिखा गया था कि बाइक-स्कूटी जैसे दो-पहिया वाहनों को अधिकतम 500 रुपये और कार जैसे चार-पहिया वाहनों को अधिकतम 1500 रुपये का ही पेट्रोल-डीजल दिया जाएगा। बताया गया कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि तेल का पर्याप्त स्टॉक नहीं है।

इधर देखते ही देखते लोगों के बीच तेजी से यह बात फैलने लगी की चंडीगढ़ में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में भारी कमी आ गई है। जहां किल्लत के चलते चंडीगढ़ प्रशासन ने ईंधन राशनिंग (कोटा सिस्टम) लागू कर तेल भरवाने की अधिकतम सीमा तय कर दी है। लोगों ने इसे चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल का संकट बताया। वहीं लिमिट को लेकर कई लोग गुस्से में भी नजर आए। साथ ही कुछ लोगों में पैनिक सिचुएशन भी देखी गई। जहां यह सब देखते हुए आखिरकार चंडीगढ़ प्रशासन को भी आनन-फानन में इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा।

चंडीगढ़ DC ने कहा- फर्जी खबरें फैलाई जा रहीं

चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव ने पेट्रोल-डीजल खरीद पर लिमिट लगाए जाने को आधिकारिक तौर से खारिज किया है और उन्होंने कहा है कि ऐसा कोई आदेश ही जारी नहीं किया गया। DC ने जारी बयान में कहा, ''चंडीगढ़ प्रशासन के संज्ञान में आया है कि शहर के पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से ईंधन राशनिंग लागू किए जाने संबंधी भ्रामक एवं फर्जी खबरें फैलाई जा रहीं हैं। इन खबरों में स्थानीय आपूर्ति में कमी के कारण दोपहिया वाहनों के लिए 500 तथा चारपहिया वाहनों के लिए 1500 तक तेल सीमा निर्धारित किए जाने का दावा किया जा रहा है।''

DC निशांत यादव ने कहा- ऐसा कोई आदेश ही नहीं

निशांत कुमार यादव ने स्पष्ट रूप से कहा, ''चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा पेट्रोल अथवा डीजल की बिक्री पर किसी प्रकार की कोई सीमा या प्रतिबंध लगाने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि चंडीगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भी पुष्टि की है कि ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आपूर्ति संचालन बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से जारी है। चंडीगढ़ प्रशासन संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है, ताकि शहर में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।''

लोगों से जमाखोरी न करने की अपील

एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है तो वहीं शहर के आम लोगों से भी पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी न करने की अपील की गई है। DC निशांत यादव ने लोगों से अपील करते हुए कहा, ''वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण या अत्यधिक खरीदारी न करें। शहर के सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा OMCs द्वारा नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सामान्य स्थिति बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने हेतु चंडीगढ़ प्रशासन शहर के नागरिकों से सहयोग की इच्छा रखता है।''

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PM ने कहा था- पेट्रोल-डीजल कम उपयोग करें

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ती का संकट और दबाव बना हुआ है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। इसी को देखते हुए हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल कम से कम उपयोग करने की अपील की थी। ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से कहा था कि भारत के पास तेल के बड़े-बड़े कुएं नहीं हैं। भारत को अपनी जरूरत का तेल बाहर से मंगाना पड़ता है और जहां से तेल का बड़ा हिस्सा आता है वह क्षेत्र संघर्ष में घिरा हुआ है। इसलिए अब बहुत जरूरी होने पर ही पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करें। कार पुलिंग करें। अकेले कार से न जायें।

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देश में बड़ा लॉकडाउन लगने वाला?

हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने उन खबरों को भी आधिकारिक तौर से खारिज किया था। जिनमें 'देश में बड़ा लॉकडाउन लगने वाला है' ऐसी सूचना (Lockdown in India) फैलाई गई। पुरी ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में एक नए भ्रम को जन्म दिया गया की देश में कोई बड़ा लॉकडाउन आने वाला है। जबकि सच्चाई यह है कि यह पूरी तरह झूठ और अफवाह है। सरकार लगातार इससे इनकार करती रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा था कि देश में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं है। सरकार लगातार देश में सामान्य और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ती को सुनिश्चित कर रही है।

मिडिल ईस्ट संघर्ष ने कैसे बिगाड़ी ऊर्जा सप्लाई?

मिडिल ईस्ट संघर्ष ने वैश्विक तौर से ऊर्जा आपूर्ती और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत समेत विभिन्न देशों में तेल-गैस को लेकर हालात टाइट हो गए हैं और बड़े स्तर पर इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ये दुनियाभर में वैश्विक ऊर्जा संकट की नई चुनौती है। दरअसल ईरान से तनातनी के बीच ईरान के कंट्रोल वाले 'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) पर अमेरिका की नाकाबंदी है। दूसरी तरफ ईरान भी यहां से जहाजों के निकलने पर शर्तें तय कर रहा है। ऐसे में तेल-गैस लेकर आने वाले जहाजों के आवागमन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।

'होर्मुज स्ट्रेट' क्या है और ये कितना अहम?

'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) ईरान में एक समुद्री जल मार्ग है, जो पूरी तरह से ईरान के कंट्रोल में आता है। यहां से ईरान और फारस की खाड़ी से तेल-गैस की सप्लाई लेकर विभिन्न देशों के जहाज गुजरते हैं। पूरी दुनिया में तेल-गैस की सप्लाई को लेकर यह रास्ता एक बड़ा और अहम माध्यम है। जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है। ऐसे में जब 'होर्मुज स्ट्रेट' पर बंदिश लगा दी गई है तो इस बीच भारत समेत विभिन्न देशों में ऊर्जा आपूर्ती प्रभावित हुई है।

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