India Energy Supply: भारत के पास अभी 45 दिनों का LPG स्टॉक; देश में लॉकडाउन लगने को लेकर पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?

भारत के पास अभी 45 दिनों का LPG स्टॉक; देश में बड़ा लॉकडाउन लगने को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा? यहां जानें

Petroleum Minister Hardeep Singh Puri Statement Over India Energy Stock

Petroleum Minister Hardeep Singh Puri Statement Over India Energy Stock

India Energy Supply: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ती का संकट बना हुआ है। जिससे भारत भी अछूता नहीं है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल कम से कम उपयोग करने, एक साल सोना न खरीदने और खाने के तेल तक में भी कटौती करने समेत कुल 7 अपीलें कीं। जिसके बाद से देश में इस बारे में और ज्यादा हलचल तेज हो गई की क्या देश की स्थिति इस वक्त गंभीर है और कुछ बड़ा होने वाला है? उधर दूसरी तरफ विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला और इसे देश चलाने में सरकार की नाकामी बताया।

45 दिनों का LPG स्टॉक, 60 दिनों का तेल

इधर इसी बीच अब भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने देश में ऊर्जा स्टॉक और सप्लाई को लेकर आधिकारिक तौर से सारी तस्वीर साफ की है। CII एनुअल बिजनेस समिट 2026 के मंच पर जानकारी देते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने बताया है कि देश में किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कमी नहीं है. इस वक्त भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का LNG और 45 दिनों का एलपीजी भंडार उपलब्‍ध है। जो कि पर्याप्त है। वहीं हरदीप पुरी ने कहा कि इन दिनों एक झूठ भी फैलाया जा रहा है की भारत ने रूस से LNG आयात लेने से इनकार कर दिया है, जबकि सच्चाई यह है कि भारत ने कभी रूस से LNG आयात किया ही नहीं।

देश में LPG उत्पादन क्षमता 55% बढ़ाई

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देश में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत ने अपने दैनिक एलपीजी उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि (35,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन) की है। भारतीय रिफाइनरियों को LPG उत्पादन क्षमता बढ़ाने का आदेश पहले ही दे दिया गया था। जिससे पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान देश ने अपनी दैनिक एलपीजी उत्पादन में लगभग 55% की वृद्धि की। पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि वास्तव में असाधारण है और भारत की क्षमता, आत्मनिर्भरता तथा संकट प्रबंधन की ताकत को दर्शाती है।

भारत में 4 सालों से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

हरदीप पुरी ने कहा कि दुनिया भर के कई देश गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत इस चुनौती का सामना करने में सफल रहा है, इस दौरान कई सारे देशों में तेल के दाम व उपलब्धता को लेकर उतार-चढ़ाव आए लेकिन भारत में कोई असर नहीं पड़ा। भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 140 मिलियन नागरिकों को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति जारी रखे हुए है। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने चार वर्षों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। इस बीच देश में कई चुनाव भी हुए।

विपक्ष हमेशा अफवाह फैलाता रहा

हरदीप पुरी ने इस बीच विपक्ष को भी घेरा और कहा कि कोरोना कालखंड हो या फिर कुछ और, विपक्ष ने हमेशा अफवाह फैलाने की पूरी कोशिश की, लोगों को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अफवाहों के फैलने से कुछ लोगों ने कालाबाजारी भी की, पर हमारे प्रयासों से देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कहीं कोई कमी नहीं आई। हम लगातार देश में सामान्य और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ती को सुनिश्चित कर रहे हैं।

देश में बड़ा लॉकडाउन लगने वाला?

इधर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने उन खबरों को भी आधिकारिक तौर से खारिज किया है जिनमें 'देश में बड़ा लॉकडाउन लगने वाला है' ऐसी सूचना (Lockdown in India) फैलाई गई। पुरी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में एक नए भ्रम को जन्म दिया गया की देश में कोई बड़ा लॉकडाउन आने वाला है। जबकि सच्चाई यह है कि यह पूरी तरह झूठ और अफवाह है। सरकार लगातार इससे इनकार करती रही है।

मिडिल ईस्ट संघर्ष ने कैसे बिगाड़ी ऊर्जा सप्लाई?

मिडिल ईस्ट संघर्ष ने वैश्विक तौर से ऊर्जा आपूर्ती और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत समेत विभिन्न देशों में तेल-गैस को लेकर हालात टाइट हो गए हैं और बड़े स्तर पर इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ये दुनियाभर में वैश्विक ऊर्जा संकट की नई चुनौती है। दरअसल ईरान से तनातनी के बीच ईरान के कंट्रोल वाले 'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) पर अमेरिका की नाकाबंदी है। दूसरी तरफ ईरान भी यहां से जहाजों के निकलने पर शर्तें तय कर रहा है। ऐसे में तेल-गैस लेकर आने वाले जहाजों के आवागमन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है।

'होर्मुज स्ट्रेट' क्या है और ये कितना अहम?

'होर्मुज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) ईरान में एक समुद्री जल मार्ग है, जो पूरी तरह से ईरान के कंट्रोल में आता है। यहां से ईरान और फारस की खाड़ी से तेल-गैस की सप्लाई लेकर विभिन्न देशों के जहाज गुजरते हैं। पूरी दुनिया में तेल-गैस की सप्लाई को लेकर यह रास्ता एक बड़ा और अहम माध्यम है। जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल सप्लाई होता है। ऐसे में जब 'होर्मुज स्ट्रेट' पर बंदिश लगा दी गई है तो इस बीच भारत समेत विभिन्न देशों में ऊर्जा आपूर्ती प्रभावित हुई है।

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