रोहिणी बिल्डिंग हादसा: एमसीडी की शुरुआती जांच में प्लंबिंग कार्य के दौरान संरचना कमजोर होने की आशंका

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Rohini building collapse

नई दिल्ली। Rohini building collapse, रोहिणी सेक्टर 16 में निर्माणधीन इमारत गिरने के क्या कारण थे, फिलहाल अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि घटना के बाद एमसीडी की प्राथमिक रिपोर्ट में प्लम्बरिंग के कारण पिलरों की कटाई के कारण इमारत के कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।

एमसीडी सूत्रों के अनुसार हादसे के समय इमारतों में प्लंबिंग का काम चल रहा था और इस दौरान कालम व बीम जैसे संरचनात्मक हिस्सों में ड्रिलिंग या कटिंग किए जाने की संभावना है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।

दोनों भवनों के नक्शे मार्च और अप्रैल 2025 में स्वीकृत

एमसीडी के अनुसार, संपत्ति संख्या G-4/152 और G-4/153 का निर्माण सरल योजना के तहत स्वीकृत नक्शों के आधार पर किया गया था। दोनों भवनों के नक्शे मार्च और अप्रैल 2025 में स्वीकृत हुए थे, जिसके बाद इमारत का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था।

एमसीडी सूत्रों के अनुसार एमसीडी उन आर्टिटेक्ट और स्टक्चरल इंजीनियर की भूमिका की जांच करेगी जिन्होंने यह नक्शा पास कराया था। क्योंकि भवन निर्माण की समग्र तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उस आर्किटेक्ट और स्ट्रक्चरल इंजीनियर की थी।