पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, पूर्व विधायक करण कौर बराड़ ने राजा वड़िंग के नेतृत्व पर उठाए सवाल
Internal infighting escalates within Punjab Congress;
मुक्तसर साहिब। Internal infighting escalates within Punjab Congress; पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल को लेकर जारी असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच पूर्व विधायक करण कौर बराड़ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस बिखर गई है और पार्टी के भीतर गुटबाजी लगातार बढ़ रही है।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह राजा वड़िंग की जगह होतीं तो ऐसे हालात में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे देतीं। श्री मुक्तसर साहिब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हरचरण सिंह बराड़ की बहू और पूर्व विधायक करण कौर बराड़ ने कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति से बड़ी होती है। यदि किसी नेता के नेतृत्व में संगठन लगातार विवादों में घिर रहा हो तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए।करण कौर बराड़ ने चुनावी प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग अपने विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव नहीं जीत सके। इसके अलावा नगर निकाय, जिला परिषद और पंचायत चुनावों में भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली। दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी लगातार चुनाव जीतते रहे हैं और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता अधिक है।
नेतृत्व पर उठाए व्यक्तिगत सवाल
पूर्व विधायक ने व्यक्तिगत नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग उसी जिले से आते हैं, लेकिन उन्होंने कभी उन्हें संगठनात्मक बैठकों या अन्य कार्यक्रमों के लिए नहीं बुलाया।
उन्होंने कहा कि जब भी मुलाकात होती है तो वह सम्मानपूर्वक अभिवादन करती हैं, लेकिन राजा वड़िंग केवल औपचारिक प्रतिक्रिया देकर आगे बढ़ जाते हैं। इसके विपरीत प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, राणा गुरजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं से उनका नियमित संवाद होता है।
करण कौर बराड़ ने कहा कि राजा वड़िंग उम्र में उनके बेटे के समान हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी को नेतृत्व पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश नेतृत्व के कारण कांग्रेस के भीतर लगातार कलह का माहौल बना हुआ है।
पार्टी मजबूत करने पर दिया जोर
उन्होंने यह दावा भी किया कि राजा वड़िंग उनसे उनका विधानसभा क्षेत्र छोड़ने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह श्री मुक्तसर साहिब नहीं छोड़ेंगी और यदि पार्टी टिकट देती है तो यहीं से चुनाव लड़ेंगी।
पूर्व विधायक ने कांग्रेस के भीतर बढ़ते विवाद के पीछे सत्तारूढ़ दल की साजिश होने की आशंका भी जताई। उनका कहना था कि पार्टी को अंदरूनी मतभेद दूर कर संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रखा जा सके।