US Kills Abu-Bilal al-Minuki: अमेरिका ने ISIS के टॉप 2 कमांडर को मार गिराया; ट्रंप के आदेश पर अफ्रीका में बड़ा एक्शन

अमेरिका ने ISIS के टॉप 2 कमांडर को मार गिराया; ट्रंप के आदेश पर अफ्रीका में बड़ा एक्शन, जानें कैसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम

US Forces Kills ISIS Second Top Commander Abu Bilal Al Minuki in Africa

US Forces Kills ISIS Second Top Commander Abu Bilal Al Minuki in Africa

US Kills Abu-Bilal al-Minuki: अमेरिका ने इस्लामिक आतंकी समूह ISIS के खिलाफ बेहद शक्तिशाली और घातक कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार रात ISIS के टॉप 2 कमांडर Abu-Bilal al-Minuki को मार गिराया है। जिसके बारे में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा की है। उन्होंने इस ऑपरेशन के बारे बताते हुए कहा कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेना और नाइजीरिया की सेना ने जॉइंट ऑपरेशन में बेहद कठिन मिशन को अंजाम दिया। ग्लोबल टेररिज्म के खिलाफ अमेरिका की इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

ISIS का दुनिया में दूसरे नंबर का कमांडर था

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी ISIS का दुनियाभर में दूसरा सबसे बड़ा कमांडर था और वह अफ्रीका में पनाह लेकर टेरर एक्टिविटीज को ऑपरेट कर रहा था। ट्रंप ने कहा कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी, यह सोचता था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि अमेरिका के पास ऐसे सूत्र थे जो लगातार यह बताते रहते थे कि वह क्या कर रहा है। मसलन ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास आतंकी अल-मिनुकी के ठिकानों और गतिविधियों की पूरी जानकारी थी, जिसके चलते ही इस ऑपरेशन को कामयाबी से अंजाम दिया जा सका।

ISIS के ग्लोबल नेटवर्क को लगेगा बड़ा झटका

ट्रंप का कहना है कि मारा गया अबू-बिलाल अल-मिनुकी अफ्रीका में आतंकवाद फैलाने के वहां के लोगों को डराने-धमकाने के साथ-साथ अमेरिकियों को टारगेट करने की साजिशों में भी शामिल रहा था। ट्रंप ने कहा कि अब वह न तो अफ्रीका के लोगों को डरा-धमका पाएगा, और न ही अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन्स की योजना बनाने में मदद कर पाएगा। उसके खात्मे के साथ ही, ISIS के वैश्विक ऑपरेशन्स को बहुत बड़ा झटका लगा है। बता दें कि अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ISIS की ठिकानों पर खलबली मची हुई है। इसीलिए अमेरिका लगातार ISIS के ठिकानों पर नजर बनाए हुए है।

ट्रंप ने नाइजीरिया की सरकार को शुक्रिया कहा

ट्रंप ने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया की सरकार को भी शुक्रिया कहा है। उन्होंने कहा कि आज रात, मेरे निर्देश पर, बहादुर अमेरिकी सेना और नाइजीरिया की सशस्त्र सेनाओं ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादी को युद्ध के मैदान से खत्म करने के लिए एक बहुत ही बारीकी से नियोजित और बेहद जटिल मिशन को पूरी तरह से सफल बनाया। इस ऑपरेशन में हमारी साझेदारी के लिए नाइजीरिया की सरकार का धन्यवाद। जानकारी के मताबिक, इस ऑपरेशन की लंबे वक्त से तैयारी की जा रही थी और इसमें अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियों, स्पेशल फोर्सेज और नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने साथ मिलकर काम किया। माना जा रहा है कि ये एक्शन ISIS के आतंकियों के लिए बड़ी चोट है।

US Kills Abu Bilal Al Minuki

अफ्रीका में ISIS तेजी से सक्रिय

बता दें कि बीते कुछ वर्षों में अफ्रीका के नाइजीरिया समेत अलग-अलग इलाकों में ISIS और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों की सक्रियता तेजी से बढ़ी हैं। कई इलाकों में यह आतंकी संगठन आम लूग्न की हत्या भी चुका है। जिसके चलते अफ्रीकी देशों और अमेरिका के बीच Anti Terrorism Cooperation का बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि अफ्रीका से ISIS आतंकी संगठन को जड़ से उखाड़ा जा सके। अमेरिका अफ्रीका में घुसकर लगातार ISIS के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रहा है।

दिसंबर 2025 में नाइजीरिया में ISIS आतंकी मारे

अमेरिका ने इससे पहले दिसंबर 2025 में नॉर्थवेस्ट नाइजीरिया में इस्लामिक आतंकी समूह ISIS के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। 25 दिसंबर की रात अमेरिका ने यहां ISIS के ठिकानों को निशाना बनाया और भीषण हवाई हमला किया। बम-मिसाइलें मार ISIS के ठिकाने उड़ाए गए। इसके बाद ट्रंप ने खुद दावा किया था कि अमेरिका के इस भीषण हमले में कई ISIS कमीने आतंकियों को मार गिराया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मारे गए आतंकियों को क्रिसमस की बधाई भी दी थी और उन्हें 'मैरी क्रिसमस' कहा था।

अमेरिका ने सीरिया में ISIS के ठिकाने उड़ाए

गौरतलब है कि इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को अमेरिका ने सीरिया के अंदर ISIS के खिलाफ हवाई हमला करते हुए बहुत बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी सेना ने सीरिया में एयर स्ट्राइक कर ISIS के दर्जनों ठिकानों को ताबड़तोड़ निशाना बनाया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन का मकसद सीरिया में ISIS लड़ाकों को खत्म करना और ISIS के इंफ्रास्ट्रक्चर व हथियारों के ठिकानों को नष्ट करना है, ताकि ISIS की भविष्य में अमेरिकी बलों और नागरिकों पर हमला करने की हिम्मत न हो।