हरियाणा में जुलाई तक बिना वर्दी स्कूल जा सकेंगे विद्यार्थी
हरियाणा में जुलाई तक बिना वर्दी स्कूल जा सकेंगे विद्यार्थी

हरियाणा में जुलाई तक बिना वर्दी स्कूल जा सकेंगे विद्यार्थी

हरियाणा में जुलाई तक बिना वर्दी स्कूल जा सकेंगे विद्यार्थी

सरकार ने वर्दी की बाध्यता का नियम हटाया
निजी स्कूल जुलाई तक नहीं कर सकेंगे वर्दी खरीदने को मजबूर
कोरोना के प्रभाव का हवाला दे सरकार ने दी राहत

चंडीगढ़, 10 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने नए सत्र के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों पर वर्दियां खरीदने के लिए दबाव बना रहे स्कूलों पर कार्रवाई करते हुए जुलाई माह से विद्यार्थियों को वर्दियों से छूट प्रदान कर दी है। अब जुलाई तक सरकारी और प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को बच्चों की वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। सरकार ने यह फैसला कोरोना के कारण आर्थिक तंगी का दंश झेल रहे अभिभावकों को उभरने के मकसद से लिया है ताकि अभिभावक दाखिला प्रक्रिया की कसौटी पार करने के बाद जुलाई तक आर्थिक हालात ठीक होने पर वर्दी खरीद सकें।
हरियाणा में कई स्कूल ऐसे थे जिनके द्वारा इस साल न केवल वर्दियां बदल दी गई बल्कि अभिभावकों को पर इस बात के लिए दबाव बनाया जा रहा था कि वह बिना किसी देरी के वर्दियां लें। सरकार के पास कई जिलों से इस तरह की सूचनाएं आ रही थी। जिसके चलते यह निर्देश जारी किए गए हैं।
फीस वृद्धि कानून के तहत अब कोई भी प्राइवेट स्कूल एक बार वर्दी लगाने के बाद अगले पांच साल तक वर्दी में बदलाव नहीं कर पाएगा। मगर यह नियम इसी साल आया है तो इस बार स्कूल धड़ल्ले से अभिभावकों को बच्चों के लिए वर्दी खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। 
अभी प्रदेशवासियों को कोरोना के दंश से उभरने का मौका मिला है तो इसलिए किसी भी अभिभावक पर इस तरह का बोझ नहीं डाला जाएगा, जो उन्हें आर्थिक तंगी की गर्त में धकेल दे। यही वजह है कि शिक्षा को अनिवार्य मानते हुए सरकार ने फिलहाल अभिभावकों को बच्चों की वर्दियां जुलाई तक खरीदने में राहत प्रदान की है। ऐसे में अगर स्कूल अब किसी भी बच्चे को वर्दी खरीदकर पहनने के लिए बाध्य करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले से जुलाई तक वर्दी की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। इसलिए न केवल अभिभावकों को राहत मिलेगी बल्कि दुकानदारों और स्कूलों के बीच मुनाफाखोरी के खेल पर भी लगाम लगेगी।