PM Modi Security Convoy Reduced: PM मोदी के काफिले में कटौती 'खतरनाक'; R&AW के पूर्व चीफ ने चेताया

PM मोदी के काफिले में कटौती 'खतरनाक'; R&AW के पूर्व चीफ ने चेताया, कहा- निशाना बनाया जा सकता, यह कदम कतई ठीक नहीं

India Former R&AW Chief Warned For PM Modi Security Convoy Reduced

India Former R&AW Chief Warned For PM Modi Security Convoy Reduced

PM Modi Security Convoy Reduced: ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के लोगों से अपील की थी की वह पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम से कम कर दें। इसके बाद देखने में आया की पीएम मोदी ने खुद अपने काफिले की सुरक्षा गाड़ियों में कटौती कर दी है। बीते दिनों पीएम मोदी को केवल 2 SPG गाड़ियों के साथ दिल्ली में जाते हुए देखा गया। वह इस बड़े फैसले से लोगों को ऊर्जा बचत का संदेश दे रहे थे। लेकिन पीएम की सुरक्षा में कटौती से कई लोगों को ये कहते हुए देखा गया कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं अब इस कदम को लेकर भारतीय खुफिया एजेंसी (R&AW) के पूर्व चीफ सामंत गोयल ने भी चेताया है। R&AW के पूर्व चीफ का कहना है कि पीएम की सुरक्षा में कटौती किए जाने का फैसला कहीं से भी ठीक नहीं है। वो भी तब जब पीएम मोदी को देश विरोधी तत्वों से बड़ा खतरा है और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने इसे 'खतरनाक' कदम बताते हुए कहा कि मौजूदा खतरों को देखते हुए पीएम की सुरक्षा घटाना राष्ट्रहित में नहीं है। क्योंकि सुरक्षा में ढील देना दुश्मनों को बढ़ावा देने जैसा है।

दरअसल सामंत गोयल ने सुरक्षा कटौती पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जब से गुजरात के मुख्यमंत्री बने उन्हें तबसे ही हमेशा खतरा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उन्होंने जो कड़ा रुख अपनाया है, उसे देखते हुए देश विरोधी जिहादी तत्व - चाहे वे हमारे पड़ोसी देशों में हों या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहीं भी और, वो हमेशा प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने की फिराक में रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा में ढील देना दुश्मनों के लिए उन्हें निशाना बनाना आसान बना सकता है।

दूसरे देश हमारे PM की सुरक्षा देखते

गोयल ने कहा भारत में पीएम मोदी की सुरक्षा में कटौती का असर दूसरे देशों में उन्हें मिलने वाली सुरक्षा पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो दूसरे देश प्रधानमंत्री के अपने देश में सुरक्षा के नियमों को देखते हैं। अगर हम यहां सुरक्षा कम करते हैं, तो उन्हें लगेगा कि प्रधानमंत्री को सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है। कई ऐसे देश हैं जहां अभी भी विरोधी तत्व मौजूद हैं। इसलिए हमें यहां पीएम मोदी की सुरक्षा कम नहीं करनी चाहिए। न सिर्फ भारत में, बल्कि बाहर भी पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। हमें सुरक्षा की समीक्षा करके उसे और मज़बूत करना चाहिए, न कि उसे कम करना चाहिए।

राष्ट्रपति ट्रंप पर तीन बार हमला हो चुका

R&AW के पूर्व चीफ ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात बेहद अस्थिर हैं। अमेरिका को दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना जाता है, इसके बावजूद वहां के राष्ट्रपति ट्रंप पर तीन बार हमला हो चुका है। ऐसे कई तत्व हैं जो भारत के खिलाफ हैं। आतंकी गतिविधियां लगातार हो रही हैं, खासकर हमारे पड़ोसी देश की तरफ से। मौजूदा सुरक्षा आकलन के मुताबिक, अब ड्रोन और स्नाइपर गन जैसे नए खतरे सामने आ गए हैं। ऐसे में हमें प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम करने चाहिए। आज हमारे लिए देश में प्रधानमंत्री की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमें इसे सुनिश्चित करना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा में कटौती का यह कदम सही नहीं है। यह हमारे राष्ट्र के हित में बिल्कुल भी नहीं है।

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) क्या है?

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) भारत सरकार की एक अतिसंवेदनशील संस्था (खुफिया एजेंसी) है। देश में इस एजेंसी की गतिविधियां सबसे गोपनीय, सटीक और मजबूत होती हैं। R&AW पर विदेशी इंटेलिजेंस जुटाने का जिम्‍मा होता है। अगर किसी देश के घटनाक्रम का भारत पर असर हो सकता है, तो R&AW उसपर करीब से नजर रखती है। राष्‍ट्रहितों के लिए खुफिया ऑपरेशंस को भी R&AW अंजाम देती है। इंदिरा गांधी सरकार के समय R&AW पहली बार अस्तित्‍व में आई. रामेश्‍वर नाथ काव इसके इसके पहले प्रमुख थे। R&AW सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्टिंग करती है। इस समय IPS पराग जैन रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के चीफ हैं।

यह भी पढ़ें

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से सरकार पर हमला; विपक्ष बोला- चुनाव खत्म होते ही जनता से वसूली शुरू, BJP ने कहा- थोड़े दाम बढ़ाए गए

यह भी पढ़ें

भारत के पास अभी 45 दिनों का LPG स्टॉक; देश में बड़ा लॉकडाउन लगने को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा? यहां जानें