अंकिता भंडारी हत्याकांड: हाई कोर्ट ने दोषियों की जमानत याचिका पर नहीं दी राहत, सुनवाई 20 जुलाई तक टली

अंकिता भंडारी हत्याकांड: हाई कोर्ट ने दोषियों की जमानत याचिका पर नहीं दी राहत, सुनवाई 20 जुलाई तक टली

Ankita Bhandari murder case

Ankita Bhandari murder case

नैनीताल। Ankita Bhandari murder case, हाई कोर्ट ने उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपित पुलकित आर्या व सौरभ भास्कर को ट्रायल कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देती तथा जमानत को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।

मंगलवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने आरोपितों को कोई राहत नहीं देते हुए अगली सुनवाई को 20 जुलाई की तिथि नियत की है।

सुनवाई के दौरान आरोपितों की तरफ से कहा गया कि अंकिता ने खुदकुशी की है, खुदकुशी में उनका कोई हाथ नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। जबकि पीड़ित पक्ष व सरकार की तरफ से कहा गया कि घटना घटित होने के बाद होटल के कमरे को तोड़ दिया गया। बुलडोजर चलाया गया।

आगजनी कर सारे सबूत मिटा दिए गए। वाट्सएप चैट भी आरोपितों के विरुद्ध थे। यदि आरोपितों का हत्याकांड में हाथ नहीं था तो सारे सबूत क्यों मिटा दिए गए, इसलिए याचिकाओं को निरस्त किया जाए।

मुख्य अभियुक्त पुलकित व अन्य ने कोटद्वार सत्र न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा देने के निर्णय को चुनौती दी है। साथ ही जमानत पर रिहा करने को प्रार्थना की गई है।

दरअसल, कोटद्वार कोर्ट ने 30 मई 2025 को अभियुक्तों को अंकिता की हत्या का दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 302, 354अ और 201 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

अभियोजन पक्ष की ओर से 47 गवाह पेश किए गए थे। आरोपितों की ओर से कहा गया है कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह पेश नहीं किया गया। अंकिता का शव कैनाल से बरामद हुआ था। अभियोजन पक्ष की तरफ से कहा गया था कि आरोपित व उसके दो अन्य साथियों की लोकेशन घटना स्थल पर पाई गई थी।

फोरेंसिक जांच में भी इनकी लोकेशन वहां पाई गई। अंकिता ने मौत से पहले वाट्सएप चैट में इसका जिक्र किया है। आरोपितों ने रिसॉर्ट के सीसीटीवी बंद करा दिए गए और डीवीआर से भी छेड़खानी की।

पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की अंकिता भंडारी वनन्तरा रिसोर्ट ऋषिकेश में नौकरी करती थी। उसकी हत्या रिसोर्ट स्वामी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित ने चीला बैराज में धक्का देकर की थी।

मामले की छानबीन के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तब अभियुक्त जेल में बंद है।