बेहद दिव्य नजारा; त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दिखे महादेव: प्राचीन अमृतकुंड से वीडियो आया सामने, अद्भुत दुर्लभ दर्शन कीजिए
Nashik Trimbakeshwar Amritkund Shivling Viral Video
Trimbakeshwar Amritkund Shivling: शिवशंकर महादेव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नासिक के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में बेहद दिव्य नजारा देखने को मिला है. यहां स्थित एक प्राचीन अमृतकुंड की तलहटी में एक अद्भुत और दुर्लभ शिवलिंग दिखा है. यह शिवलिंग बेहद प्राचीन है और कई वर्षों बाद शिवलिंग के दर्शन हुए. त्र्यंबकेश्वर का यह अमृतकुंड 65 फीट गहरा बताया जाता है.
कीजिए शिवलिंग के दिव्य और दुर्लभ दर्शन
बताया जाता है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने संरक्षण कार्य के तहत कुंड का पानी निकालकर सफाई की गई, जिसमें 65 फीट गहरे कुंड के तल पर यह प्राचीन शिवलिंग दिखाई दिया। पेशवा कालीन माने जाने वाले इस कुंड के जल का इस्तेमाल पूजा-अभिषेक किया जाता है, जबकि यहां सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। लेकिन शिवलिंग दिखाई देने से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह दिख रहा है.
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का धार्मिक महत्व
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि पर्वत के पास स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में से एक है. बाकी ज्योतिर्लिंग से यह इसलिए भी अलग है क्योंकि इस ज्योतिर्लिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देव एक साथ विराजमान हैं. वहीं मंदिर के पास ब्रह्मगिरि पर्वत से पवित्र गोदावरी नदी का उद्गम भी होता है. मान्यता है कि त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से जीवन के सारे ऋण-रोग और दोष दूर हो जाते हैं.
कैसे पहुंचे नासिक त्र्यंबकेश्वर मंदिर?
अगर आप त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर जाना चाहते हैं तो यह मंदिर नासिक शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। नासिक एयरपोर्ट से त्र्यंबकेश्वर मंदिर की दूरी करीब 55 किमी है. इसके अलावा नासिक रेलवे स्टेशन से यह लगभग 39 किमी दूर है. त्र्यंबकेश्वर मंदिर प्रतिदिन सुबह 05:30 AM बजे खुलता है और रात 09:00 PM तक खुला रहता है. इस बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचते हैं.