फ्री होल्ड पर बेचने को सीएचबी ने निकाले 29 फ्लैट व 6 दुकानें, बिक पाई केवल चार संपत्तियां
फ्री होल्ड पर बेचने को सीएचबी ने निकाले 29 फ्लैट व 6 दुकानें

फ्री होल्ड पर बेचने को सीएचबी ने निकाले 29 फ्लैट व 6 दुकानें, बिक पाई केवल चार संपत्तियां

फ्री होल्ड पर बेचने को सीएचबी ने निकाले 29 फ्लैट व 6 दुकानें, बिक पाई केवल चार संपत्तियां

लोगों ने महज दो ईडब्लयूएस फ्लैट व दो दुकानों में दिखाई रुचि

चंडीगढ़, 25 मई (साजन शर्मा)

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने फ्री होल्ड पर 29 फ्लैट और 6 दुकानों को बेचने के लिए ई-टेंडर जारी किया था। सीएचबी इसमें से सिर्फ चार संपत्तियों को ही बेच पाया। लोगों ने दो ईडब्ल्यूएस फ्लैट और दो दुकानों के लिए रुचि दिखाई है। इसमें सेक्टर-40 का एक ईडब्ल्यूएस मकान 22 लाख 55 हजार में बिका है। अन्य को कोई खरीददार नहीं मिला।

बुधवार को सीएचबी ने 35 संपत्तियों (फ्री होल्ड) को बेचने के लिए जारी किए गए टेंडर की बोली खोली। इसमें से सीएचबी सिर्फ चार यूनिट को बेचने में कामयाब रहा। इसमें सेक्टर-40ए और सेक्टर-52 के ईडब्ल्यूएस फ्लैट और दो सेक्टर-51ए की दुकान शामिल हैं। दोनों फ्लैट का कुल आरक्षित मूल्य 43.25 लाख रुपये था, जिन्हें सीएचबी ने 47.05 लाख रुपये में बेचा है। इसमें सेक्टर-40ए का ईडब्ल्यूएस फ्लैट 22 लाख 55 हजार रुपये में बिका है। इसका आरक्षित मूल्य 19 लाख 72 हजार रुपये था। सेक्टर-52 का ईडब्ल्यूएस फ्लैट 24 लाख 50 हजार में बिका है। इसका आरक्षित मूल्य 23 लाख 53 हजार रुपये था। इसके अलावा सेक्टर-51 ए की एक दुकान 85 लाख 86 हजार और दूसरी 82 लाख 70 हजार रुपये में बिकी है। इनका आरक्षित मूल्य 80 लाख रुपये था। सीएचबी की तरफ से बताया गया है कि अप्रैल 2021 से मई 2022 के बीच बोर्ड (सीएचबी) ने 189 संपत्तियां बेची हैं और करीब 122.17 करोड़ रुपये कमाए हैं।

एक जून तक जमा करानी होगी 25 फीसदी राशि

सभी संपत्तियों के लिए सबसे अधिक बोली लगाने वाले बोलीदाता को एक जून तक 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। अगर बोलीदाता द्वारा तय समय के अंदर इसका भुगतान नहीं किया जाता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी (बयाना राशि) जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को सीएचबी की किसी भी संपत्ति के लिए बोली लगाने से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। पहले बोर्ड ई-नीलामी के जरिए आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करता था, लेकिन अब बेहतर प्रस्तावों और गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए टेंडरिंग का सहारा ले रहा है।