Tiffin bomb found behind the wall of Burail Jail: Terrorist JS Multani's name came to the fore

बुड़ैल जेल की दीवार के पीछे टिफिन बम मिलने का मामला : आतंकी जेएस मुल्तानी का नाम आया सामने

Burail-Jail

Tiffin bomb found behind the wall of Burail Jail: Terrorist JS Multani's name came to the fore

मौके से तीन लाइव डेटोनेटर, एक किलो विस्फोटक जिसमे कीले, जले हुए कोडेक्स तार, उर्दू न्यूज पेपर, कुछ प्रिंट आउट जिन पर खालिस्तान एक्शन फोर्स लिखा हुआ था बरामद 

अर्थ प्रकाश/रंजीत शम्मी 

चंडीगढ़। बीते दिन बुड़ैल जेल दीवार के पीछे मिले टिफिन बम मामंले में आतंकी जेएस मुल्तानी का नाम सामने आया है। यह खुलाशा चंडीगढ़ पुलिस ने किया है।जानकारी के मुताबिक पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सीन ऑफ क्राइम के डंप डेटा को उठा लिया गया था।और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी का विश्लेषण किया गया।  जांच के दौरान कई संदिग्ध नंबरों को शॉर्ट लिस्ट किया गया। आगे के विश्लेषण पर, एक मोबाइल संदिग्ध पाया गया, घटना के समय से स्विच ऑफ पाया गया।  उक्त नंबर ने जर्मनी को एक अंतरराष्ट्रीय कॉल किया है। जो जांच करने पर जे.एस.  मुल्तानी जो कि पहले भी आतंकी गतिविधियों में संदिग्ध रहा है।  किसी और सबूत का पता लगाने के लिए इलाके की तलाशी पूरी तरह से की गई थी।  28 अप्रैल 2022 को मिली जब बीडीएस टीम ने गहन तलाशी के दौरान एक रेडमी ब्लैक कलर मोबाइल हैंडसेट और एक और डेटोनेटर बरामद किया था। मोबाइल फोन चेक करने पर जेएस मुल्तानी के साथ फिर से लिंक होने की पुष्टि हुई।  इसके बाद यूएपीए 1967 की धारा 13, 18 और 20 के तहत धारा जोड़ी गई।  बरामद सभी सामग्री को जांच के लिए सीएफएसएल में जमा कर दिया गया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।

क्या था मामला

23 अप्रेल को चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल टीम के डीएसपी जसबीर सिंह सुपर विजन में पुलिस एलाते मॉल, आईएसबीटी, सेक्टर -17 और 43 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा जांच कर रहे थी  और इस प्रक्रिया के दौरान जब टीम  बुड़ैल जेल की पिछली दीवार के पास पहुंची तो लगी आग और धुआं देख कर पुलिस घबरा गई।  टीम तुरंत रुकी और मौके पर पहुंची।  टिफिन, डेटोनेटर और कोडेक्स तार जलते देख वे सतर्क हो गए।  मौके पर मौजूद टीम ने आग पर तुरंत काबू पाने में सूझबूझ और साहस दिखाया, जिससे बड़े पैमाने पर आईईडी विस्फोट हो सकता था।  अलर्ट जारी होने के बाद मामले की सूचना पाते ही शहर के एसएसपी.  कुलदीप सिंह चहल तुरंत मौके पर पहुंचे और बी.डी.एस.  टीम और तुरंत किसी भी घटना को रोकने के लिए क्षेत्र को घेरने के लिए कहा।  ट्रैफिक को अलग-अलग रूट से डायवर्ट किया गया।  भारतीय सेना की पश्चिमी कमान की बीडीएस टीम मौके पर पहुंची और चंडीगढ़ पुलिस और बी.डी.टी, आई.ए.  जांच के बाद टिफिन में विस्फोटक होने की पुष्टि की गई 24 अप्रैल को  3, 4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 थाना 49 में मामला दर्ज किया गया था।  आईईडी को बम डिस्पोजल बॉक्स और रेत के थैले से ढक दिया गया था और सुरक्षित डिफ्यूज़ल के लिए मानेसर से एनएसजी टीम को बुलाया गया था।  24 अप्रैल 2022 को एनएसजी की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और बम को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।  मौके से एक काला बैग भी मिला जिसमें एक उर्दू पाकिस्तानी अखबार में लिपटा एक छोटा पॉलीपैक जिसमें कीलें और कुछ प्रिंटआउट थे। जिन पर 'खालिस्तान एक्शन फोर्सÓ लिखा हुआ था, भी बरामद किया गया। मौके से तीन लाइव डेटोनेटर, लाइव टिफिन बम एक किलो विस्फोटक जिसमे कीले जले हुए कोडेक्स तार, उर्दू न्यूज पेपर, कीलो वालो एक छोटा पॉलीपैक,कुछ प्रिंट आउट जिन पर खालिस्तान एक्शन फोर्स लिखा, एक एक रेडमी मोबाइल फोन बरामद हुआ था