कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु उद्घाटन की तैयारियां तेज, जुलाई के अंत में पीएम मोदी के आने की संभावना
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कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु उद्घाटन की तैयारियां तेज, जुलाई के अंत में पीएम मोदी के आने की संभावना

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Preparations for the inauguration of the Kachchi Dargah-Bidupur

राघोपुर। Preparations for the inauguration of the Kachchi Dargah-Bidupur, कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संभावना जताई जा रही है कि जुलाई महीने के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद राघोपुर पहुंचकर इस पुल का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन को लेकर राघोपुर प्रखंड में प्रशासन और निर्माण एजेंसी दोनों सक्रिय हैं।

 

राघोपुर प्रखंड अंतर्गत रुस्तमपुर पंचायत के जमालपुर गांव पाया नंबर-26 के निकट करीब 40 एकड़ से अधिक जगह पर साफ-सफाई की जा रही है। मुख्य पंडाल और आम लोगों के बैठने के लिए अलग पंडाल बनाए जा रहे हैं।

सिक्स लेन पुल से सीधे कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए सड़क को दुरुस्त किया जा रहा है। वाहन पार्किंग के लिए जगह साफ की जा रही है और टेंट लगाने का काम शुरू होगा। मजदूरों की टीम दिन-रात काम में जुटी है।

स्थानीय लोगों में दिख रहा है खासा उत्साह

स्थानीय लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह है। उनका कहना है कि देश के प्रधानमंत्री के हाथों राघोपुर में बने इस पुल का उद्घाटन होना गर्व की बात है।

एनडीए कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहली बार देश के प्रधानमंत्री राघोपुर रहे हैं, यह गर्व की बात है, एनडीए कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल का उद्घाटन हो जाने के बाद राघोपुर प्रखंड के लोगों को जिला मुख्यालय जाने में सुविधा होगी, समय और रुपये की बचत होगी। और राघोपुर दियारा में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

बीते दिनों पथ निर्माण विभाग के सचिव ने किया था निरीक्षण

गौरतलब हो कि बीते दिनों पथ निर्माण विभाग बिहार सरकार के सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्माणाधीन कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन गंगा सेतु परियोजना का स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य पुल, एप्रोच रोड एवं अंतिम चरण के निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुरक्षित किया जाए।

उन्होंने बताया कि परियोजना का 99.6 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य पुल का फिनिशिंग, सड़क चिन्हाकन, एवं सुरक्षा संबंधित कार्य अंतिम चरण में है।

पूर्ण होने पर पटना एवं उत्तर बिहार के बीच सुरक्षित एवं निर्वाध सड़क संपर्क मिलेगा। गांधी सेतु पदयात्रा याद का दबाव कम होगा, व्यापार उद्योग एवं क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

अप्रैल में जुड़ा था अंतिम सेगमेंट

उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस पुल का सबसे महत्वपूर्ण काम अप्रैल 2026 में पूरा हुआ था। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के बीच पाया नंबर-61 पर अंतिम सेगमेंट स्थापित किया गया।

कंपनी के अधिकारी बजरे से मौके पर पहुंचे और पूजा के बाद सेगमेंट को जोड़ा गया। इसी के साथ पुल का स्ट्रक्चर वर्क पूरा माना जा रहा है।

4988 करोड़ की लागत से बना 22.76 किमी का महासेतु

कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल को एलएंडटी और कोरियाई कंपनी देबू के ज्वाइंट वेंचर ने बनाया है। पुल का डिजाइन भी कोरियाई कंपनी ने तैयार किया है।

सिक्स लेन पुल एक नजर में

  • कुल लंबाई 22.76 किलोमीटर
  • गंगा पर पुल की लंबाई 9.76 किलोमीटर
  • एप्रोच रोड 13 किलोमीटर
  • कुल लागत 4988.4 करोड़ रुपये
  • कुल पाया 67
  • चौड़ाई 32 मीटर
  • डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा

वित्तीय व्यवस्था में एशियन डेवलपमेंट बैंक से करीब 3000 करोड़ रुपये का लोन और बिहार सरकार द्वारा 2000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे तकनीक

इस पुल की सबसे बड़ी विशेषता इसका एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे डिजाइन है। इसमें केबल्स को सीधे टावर से न जोड़कर डेक के नीचे एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक जोड़ा गया है। इससे पुल की संरचना ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनी है। देश में गिने-चुने पुलों में ही यह तकनीक इस्तेमाल हुई है।

नदी में निर्माण पटना के दक्षिणी छोर से 1.5 किमी और बिदुपुर के उत्तरी छोर से 8.5 किमी के दायरे में हुआ है।

बिहार को क्या मिलेगा फायदा

इस महासेतु के शुरू होने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी और समय दोनों कम होंगे। अभी लोगों को पटना से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जाने के लिए गांधी सेतु या जेपी सेतु पर निर्भर रहना पड़ता है जहां अक्सर जाम लग जाता है।

नए पुल से एक मजबूत वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। 31 जनवरी 2016 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुल का शिलान्यास किया था। 23 जुलाई 2024 को सीएम नीतीश कुमार ने पहले चरण में एनएच-31 से राघोपुर तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया था।

इसके बाद राघोपुर वासियों का पटना आना-जाना काफी आसान हुआ। तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था। राघोपुर तक पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

पीएम के संभावित दौरे को लेकर अब सबकी निगाहें जुलाई के आखिरी दिनों पर टिकी हैं। फिलहाल, उद्घाटन की तैयारी को जोर-शोर से चल रही है। जिला व पुलिस प्रशासन के स्तर पर इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।