Palika Arora fell, Hallomajra case was heavy
Hallomajra

Palika Arora fell, Hallomajra case was heavy

पालिका अरोड़ा पर गिरी गाज, हल्लोमाजरा मामला पड़ा भारी

अर्थ प्रकाश/साजन शर्मा 

चंडीगढ़। शहर में शिक्षा विभाग के  डीएसई के पद पर तैनात की गई पीसीएस पालिका अरोड़ा को नगर प्रशासक पुरोहित के आदेश पर हटा दिया गया है। उन्हें दूसरे विभाग का जिम्मा दिया गया है। नगर प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने हल्लोमाजरा में टीन शैड में चल रहे राजकीय स्कूल का दौरा किया था और वहां पढ़ रहे बच्चों की हालत को देखते हुए यह कदम उठाया। मामले में न केवल अधिकारियों बल्कि प्रशासन की जबरदस्त किरकिरी हुई थी। इसके बाद पुरोहित की ओर से यह एक्शन लिया गया है जिसकी गाज डीएसई पर गिराई गई। यह राजकीय स्कूल काफी समय से टीन शैड में चल रहा था जिसकी जानकारी शिक्षा विभाग के साथ दूसरे अन्य उच्चाधिकारियों को भी थी लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब समाचार पत्रों में इसकी पोल खुली तो इसकी गाज डीएसई पालिक अरोड़ा पर गिरी।

प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने प्रशासक की सहमति के बाद सीपीएस पालिका अरोड़ा को  अब संयुक्त आईजी जेल, अधिक्षक आदर्श जेल, एग्रीकल्चर जनगणना अधिकारी, स्टेट मार्किंग बोर्ड का नोडल अधिकारी व संयुक्त सचिव, रेरा का सचिव पद का जिम्मा सौंपा है। उक्त पद पहले पीसीएस हरसुहिंद्र पाल सिंह बराड़ के पास थे को अब पालिका अरोड़ा को सौंपे गए हैं। वहीं शहर के शिक्षा विभाग के डीएसई के पद का जिम्मा पीसीएस  हरसुहिंद्र पाल सिंह बराड़ को उनके पहले सौंपे गए पद के कार्य के अतिरिक्त सौंपा गया है। हैरानी वाली बात यह है कि पहले भी  डीएसई  के पद पर पीसीएस  आरएस बराड़  इस पद पर शहर में लंबे समय तक रहे लेकिन उन्होंने भी कभी इस स्कूल का दौरा तक नहीं किया। न ही किसी प्रशासन व निगम के पार्षद ने इस मुददे को प्रशासन के समक्ष नहीं रखा कि राजकीय स्कूल के बच्चे टीन शैड में बैठकर पढ़ रहे हैं।