IT कर्मचारियों के लिए खबर! बड़ी कंपनी ने बदला सैलरी बढ़ाने का नियम, 50:50 वाला फार्मुला लागू
News for IT Employees!
News for IT Employees!: ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी एक्सेंचर ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के बीच सैलरी इंक्रीमेंट के नियमों में बदलाव कर दिया है। आईटी कंपनी ने ज्यादा कर्मचारियों को सैलरी इंक्रीमेंट का फायदा देने के लिए ये बदलाव किया है। नए नियमों के तहत, कंपनी अब सैलरी इंक्रीमेंट का 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन (बेस पे) में जोड़ेगी, जबकि बाकी का 50 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त भुगतान के रूप में दिया जाएगा।
इस साल जून के मेन सैलरी रिवीजन साइकल में लागू किया गया है नया सिस्टम
पीटीआई के पास उपलब्ध कंपनी के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस साल जून के मेन सैलरी रिवीजन साइकल में ये नया सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत, टैलेंट और ग्रुप लीड पात्र कर्मचारियों के लिए कुल सैलरी इंक्रीमेंट का प्रतिशत तय करेंगे, जिसे बाद में दो बराबर-बराबर हिस्सों में बांटा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी को 10 प्रतिशत का सैलरी इंक्रीमेंट मिलता है, तो 5 प्रतिशत उसके बेसिक सैलरी में जोड़ा जाएगा और बाकी का 5 प्रतिशत उसे एकमुश्त भुगतान के रूप में सैलरी के साथ ही दे दिया जाएगा।
नए नियमों से कर्मचारियों को मिलेगा तत्काल कैश अमाउंट का फायदा
एक्सेंचर का कहना है कि इस नए सिस्टम से कर्मचारियों को तत्काल कैश अमाउंट का फायदा मिलेगा, जिसे कई कर्मचारी महत्व देते हैं। इसके साथ ही, बेसिक सैलरी पर दीर्घकालिक भार सीमित रहने से कंपनी ज्यादा कर्मचारियों को सैलरी इंक्रीमेंट का फायदा दे सकेगी। हालांकि, प्रोमोशन पाने वाले कर्मचारियों पर ये 50:50 फॉर्मूला लागू नहीं होगा। उनके सैलरी में होने वाली पूरी बढ़ोतरी पहले की तरह सिर्फ बेसिक सैलरी में ही जोड़ी जाएगी।
जून में मिलने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में मिलने वाले रेगुलर बोनस का ऑप्शन नहीं होगा
आईटी कंपनी ने ये भी स्पष्ट किया है कि जून में दिया जाने वाला एकमुश्त भुगतान दिसंबर में मिलने वाले रेगुलर बोनस का ऑप्शन नहीं होगा। इसके अलावा, बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी और एकमुश्त भुगतान- दोनों को कर्मचारी की वित्त वर्ष 2025-26 की पात्र आय का हिस्सा माना जाएगा और इन्हीं के आधार पर बोनस का कैलकुलेशन किया जाएगा। वॉलंटरी इक्विटी इंवेस्टमेंट प्रोग्राम (VEIP) या एम्पलॉई शेयर परचेज प्लान (ESPP) में शामिल कर्मचारियों के लिए एकमुश्त भुगतान पर भी सामान्य नियमानुसार कटौतियां लागू होंगी।