Sonam Wangchuk Writes to MPs,

सोनम वांगचुक का संसद को भावुक संदेश, 3 शर्तों पर खत्म करेंगे अनशन; हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

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Sonam Wangchuk Writes to MPs,

नई दिल्ली। लद्दाख के पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले सफदरजंग अस्पताल से सांसदों के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों को संसद में उठाने की मांग करते हुए तीन शर्तों के साथ अपना अनशन समाप्त करने की पेशकश की है।

वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद यह भरोसा देते हैं कि वे इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद नहीं पहुंच पाते, तो सांसद अस्पताल आकर उन्हें आश्वासन दे सकते हैं।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने हस्तलिखित संदेश में वांगचुक ने कहा कि उनका अनशन "संसद चलो" मार्च के बाद भी जारी रहेगा और केवल उपरोक्त परिस्थितियों में ही समाप्त होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में गैर-कानूनी रूप से हिरासत में रखा गया है, जिससे उनकी आवाजाही और लोगों से मिलने-जुलने की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

इस बीच, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका, जिसमें वांगचुक को किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी गई थी, पर अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने फिलहाल सरकारी अस्पताल में जारी उपचार व्यवस्था को बरकरार रखा है।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनका समर्थन कर रहे प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।