लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौधारोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ
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लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौधारोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ

Chief Minister Yogi Adityanath launched

Chief Minister Yogi Adityanath launched

लखनऊ। Chief Minister Yogi Adityanath launched, विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता और हरित भविष्य का संदेश लखनऊ में एक साथ गूंजा। शुक्रवार को ही प्रदेश भर में पांच करोड़ पौधे लगाए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना और पौधारोपण महाअभियान-2026 के लोगो का अनावरण किया, वहीं कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि जल है तो कल है और वन है तो जीवन है। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपने आवास पांच कालिदास मार्ग में आम की उन्नत प्रजाति ‘अरुणिका’ का पौधा लगाकर प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है और पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिली है।

इसके बाद कुकरैल वन रेंज आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कपूर का पौधा लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। यहां पर उन्होंने महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की। उनकी उपस्थिति में 200 से अधिक पौधे रोपे गए। वन मंत्री डा. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान बच्चों और आमजन ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।

इसके बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मां हर व्यक्ति के जीवन में सबसे प्रिय होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी मां के नाम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व पर्यावरण संकट से जूझ रहा है। मौसम चक्र में बदलाव, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसी समस्याएं मानव गतिविधियों का परिणाम हैं।

पिछले 25 वर्षों में मौसम के स्वरूप में एक से डेढ़ महीने तक का बदलाव देखने को मिला है, जो पर्यावरण के साथ हुई उपेक्षा की बड़ी चेतावनी है। भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा ने धरती को माता और स्वयं को उसका पुत्र माना है। जन्मभूमि और जननी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति और जीव-जंतुओं के संरक्षण का भी संदेश देती है। भगवान शंकर के नंदी और सर्प, गणेश जी के मूषक, कार्तिकेय के मोर तथा मां भगवती के सिंह और बाघ से जुड़े प्रतीक बताते हैं कि प्रकृति के प्रत्येक जीव की अपनी भूमिका और उपयोगिता है। मानव, पशु, पक्षी और वनस्पति का अस्तित्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और पर्यावरणीय संतुलन इन्हीं के सहअस्तित्व पर आधारित है।

मुख्यमंत्री का जल संरक्षण पर जोर

जल संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात की एक-एक बूंद को बचाना समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो प्रकृति सुरक्षित रहेगी और प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो जीव सृष्टि का अस्तित्व भी सुरक्षित रहेगा। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान इसी सोच का विस्तार है, जिसे जनआंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। जुलाई में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

इससे पहले वन मंत्री ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमूरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, सचिव मनीष मित्तल आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों को दिलाए पांच संकल्प

1-सभी नागरिक एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगाएं।
2-पौधा लगाने के बाद उसकी सुरक्षा का दायित्व भी निभाएं।
3-जलसंरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं।
4-सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग रोकें।
5-प्रकृति के अनुकूल जीवन शैली को अपनाएं।