Drone-Based Smuggling Surges Along

भारत-पाक सीमा पर ड्रोन से बढ़ी तस्करी, 6 महीने में 600 किलो हेरोइन जब्त; हथियारों की खेप भी बढ़ी

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Drone-Based Smuggling Surges Along

अमृतसर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सख्त कार्रवाई के बावजूद वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही लगभग 600 किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है, जो अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पूरे साल के दौरान 428 किलोग्राम और वर्ष 2024 में 283 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। ऐसे में इस वर्ष केवल छह महीनों में ही पिछले सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं।

सीमावर्ती इलाकों में दिनदहाड़े उड़ रहे ड्रोन

अमृतसर के कई सीमावर्ती गांवों में अब दिन के समय भी ड्रोन की गतिविधियां देखी जा रही हैं। हाल ही में गांव मोदे के श्मशान घाट के पास डीआरआई की टीम ने ड्रोन से गिराए गए हथियार बरामद किए। वहीं पुलकंजरी क्षेत्र में बीएसएफ ने ड्रोन के जरिए पहुंचाई गई हेरोइन की खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया है कि तस्कर छोटे मिनी ड्रोन के अलावा भारी वजन उठाने में सक्षम बड़े ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके जरिए एक बार में 15 किलोग्राम या उससे अधिक हेरोइन की खेप भेजी जा सकती है।

ड्रोन चुनौती पर मंथन, फिर भी नहीं थम रही तस्करी

हाल ही में बीएसएफ अमृतसर सेक्टर ने ड्रोन से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की थी, जिसमें पंजाब पुलिस, सेना, एनसीबी, डीआरआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके बावजूद सीमा पार से ड्रोन के जरिए तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

युवाओं को बनाया जा रहा निशाना

संयुक्त अभियानों में यह भी सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह 16 से 25 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों का फायदा उठाकर युवाओं को तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

हथियारों की तस्करी भी बढ़ी

हेरोइन के साथ-साथ ड्रोन के जरिए अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी भी बढ़ी है। पिछले वर्ष 203 हथियार, 3,643 कारतूस, 12 हैंड ग्रेनेड, 12 डेटोनेटर और करीब 11 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। वहीं इस वर्ष के पहले छह महीनों में ही 155 ड्रोन, 168 हथियार, 1,355 कारतूस, 2 ग्रेनेड और 177 भारतीय तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है, जिससे निपटने के लिए लगातार निगरानी और संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।