Decision to Cancel Special Session: राज्यपाल का विधानसभा का विशेष सत्र रद्द करने का फैसला 'लोकतंत्र की हत्या' - आप
Decision to Cancel Special Session

Decision to Cancel Special Session: राज्यपाल का विधानसभा का विशेष सत्र रद्द करने का फैसला 'लोकतंत्र

Decision to Cancel Special Session: राज्यपाल का विधानसभा का विशेष सत्र रद्द करने का फैसला 'लोकतंत्र की हत्या' - आप

-'आप' ने राज्यपाल पर भाजपा के इशारे पर 'काम' करने का लगाया आरोप

-कांग्रेस ने 'आप' को रोकने के लिए भाजपा के साथ हाथ मिलाया - मंत्री अमन अरोड़ा

-कांग्रेस पंजाब में बीजेपी के 'ऑपरेशन लोटस' को लागू करना चाहती है - अमन अरोड़ा

-प्रताप बाजवा केंद्र से मिले अपनी 'जेड प्लस सुरक्षा' बचाने के लिए भाजपा के इशारे पर काम कर रहे - अरोड़ा


चंडीगढ़, 21 सितंबर

Decision to Cancel Special Session: आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब की मान सरकार द्वारा गुरुवार को बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को रद्द करने के राज्यपाल के फैसले के बाद कांग्रेस और भाजपा पर जमकर हमला बोला और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

बुधवार रात को पार्टी मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ और आप विधायक दिनेश चड्ढा एवं जगदीप कंबोज गोल्डी के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित पर भाजपा और अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा सौंपे गए ज्ञापनों के आधार पर गैर-लोकतांत्रिक ढंग से कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि यह सब भाजपा के निर्देश पर हुआ है, जिसने हाल ही में पंजाब में 'आप' सरकार गिराने का असफल प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा संविधान के नियमों अनुसार छह महीने पुरानी आप सरकार को गिराने के भाजपा के प्रयास के खिलाफ विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मंत्रिपरिषद की सिफारिशों पर बुलाया गया था। लेकिन, संवैधानिक नियमों को ताक पर रखते हुए राज्यपाल ने विशेष सत्र को रद्द कर दिया। यह स्पष्ट तौर पर भारत के संविधान और संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर का अपमान करना है।

इस विशेष सत्र के खिलाफ राज्यपाल को आपत्ति जताने और पत्र लिखने के लिए विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा की आलोचना करते हुए अरोड़ा ने कहा कि बाजवा पंजाब में "आप" को रोकने के लिए भाजपा की बी-टीम के रूप में काम कर रहे हैं।

अरोड़ा ने कहा कि एलओपी बाजवा अपनी जेड प्लस सुरक्षा के लिए भाजपा की धुन पर नाच रहे हैं। उन्हें लोकतंत्र को बचाने की जरा भी चिंता नहीं है।'

बाजवा को याद दिलाते हुए कि अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने खुद राजस्थान में इसी तरह का विश्वास प्रस्ताव बुलाया था। पिछले 52 वर्षों में विभिन्न दलों द्वारा अब तक 27 बार अविश्वास प्रस्ताव और 12 बार विश्वास प्रस्ताव पेश किये गए हैं।

उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस मुक्त बनाने के लिए कांग्रेस नेता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की "बी" टीम के रूप में काम कर रहे हैं। लेकिन आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेगी और आम लोगों के कल्याण के लिए काम करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब में भाजपा के "ऑपरेशन लोटस" को लागू करना चाहती है क्योंकि भाजपा देश भर में अरविंद केजरीवाल और आप की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है।