बनारस के जानल चाहत होवे तो बनारस आवै का पड़ी... मोदी ने नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का किया शुभारंभ
Volleyball Championship In Kashi
वाराणसी: Volleyball Championship In Kashi: काशी के सिगरा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में आज (रविवार) से पूर्वांचल की सबसे बड़ी वॉलीबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत हो चुकी है. प्रतियोगिता का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौजूद रहे.
प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के कुल 58 टीमें भाग ले रही हैं, जिसमें 30 पुरुष और 28 महिला टीमें शामिल होंगी. रेलवे के साथ ही, सेना के तीनों अंगों कि टीमें भी प्रतियोगिता में भाग लेंगी. खिलाड़ियों की संख्या को देखते हुए, सिगरा स्टेडियम परिसर में बन कर तैयार स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) सेंटर को भी आज से खोल दिया गया. ताकी खिलाड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना नही पड़े.
साल 1984 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में सीनियर वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन सम्पूर्णानंद सिगरा स्टेडियम में किया जा रहा है. सम्पूर्णानंद सिगरा स्टेडियम का जीर्णोद्धार और यहां अत्याधुनिक सेंटर का निर्माण भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से हुआ है, इस अत्याधुनिक सेंटर में ओलिंपिक स्तर के खेलों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसका लाभ न सिर्फ वाराणसी के युवाओं को बल्कि पूर्वांचल और आस-पास के युवाओं को भी मिलेगा.
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज काशी के संसद के नाते आप सभी खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है.आज से काशी में नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है. आप सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत के बाद इस नेशनल टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं. आपने जो मेहनत की है, आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर उसकी परीक्षा होगी.
पीएम ने कहा कि साथियों हमारे यहां बनारसी में कहा जाता है कि बनारस के जे जानल चाहेला, ओहके बनारस आवे के पड़ी, तो आप लोग बनारस आ गए हैं और अब बनारस को जान के जाएंगे. हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है. कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, नौका दौड़, कबड्डी ऐसे कई खेल यहां बहुत मशहूर हैं.
बनारस ने कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी भी दिए हैं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यूपीकॉलेज, काशी विद्यापीठ जैसे शिक्षा संस्थानों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहे हैं और काशी तो हजारों वर्षों से उन सब का सत्कार करती आई हैं, लोग ज्ञान, कला की साधना के लिए यहां आते हैं, इसलिए मुझे विश्वास है कि नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा. खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक भी मिलेंगे और काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा.
पीएम ने कहा कि साथियों, वॉलीबॉल एक साधारण स्पोर्ट्स नहीं है, नेट के इस पार उस पार दोनों तरफ का एक संतुलन का खेल है. यह सहयोग का खेल है और इस खेल में संकल्प शक्ति भी दिखती है. यानी बाल को हर कीमत पर ऊपर उठाना है. वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है. वॉलीबॉल के हर खिलाड़ी का मंत्र होता है टीम फर्स्ट, खिलाड़ी भले ही अलग-अलग स्टेट के क्यों न हों लेकिन सभी प्लेयर अपने टीम के लिए खेलते हैं, और मैं तो डेवलपमेंट स्टोरी और वॉलीबॉल में बहुत सी बातें समान देखता हूं.
वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि कोई भी जीत अकेले की नहीं होती, हमारी जीत हमारे कोऑर्डिनेशन, विश्वास और टीम की तत्परता पर निर्भर होती है. हम तभी सफल होते हैं जब हर कोई अपनी जिम्मेदारी बखूबी गंभीरता से निभाता है. हमारा देश भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है. स्वच्छता से डिजिटल पेमेंट तक, एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत अभियान तक हम इसलिए प्रगति कर रहे हैं. क्योंकि देश का हर एग्जाम हर एक वर्ग हर एक काम एक सामूहिक चेतना से इंडिया फर्स्ट की भावना से देश के लिए काम कर रहा है.
मोदी ने कहा कि साल 2014 के बाद से अलग-अलग खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है. हमें बहुत गर्व होता है जब जेन जी को खेल के मैदान पर तिरंगा फहराते देखते हैं. इसी लिए सरकार ने स्पॉट्स का बजट काफी बढ़ा दिया है. हम स्कूल स्तर पर भी खिलाड़ियों को ओलंपिक में आगे बढ़ रहे हैं.