वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद भारत का पहला बयान; कहा- बदलते हालातों पर करीब से निगरानी की जा रही, दोनों देशों से ये कहा
India reacts on Venezuela Situation After America Attack
India reacts on Venezuela: ये दुनिया इस समय अशांति और संघर्ष की ओर से तेजी से बढ़ रही है। आज अलग-अलग देशों के बीच जिस तरह के टकराव के हालात हैं, वह आशंकित 'विश्व युद्ध' की स्थिति को जन्म दे रहे हैं। इस बीच अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला इस कड़ी में एक नया घटनाक्रम है। अमेरिका ने शुक्रवार देर रात वेनेजुएला पर हमला किया और देश की राजधानी काराकास में कई प्रमुख ठिकानों को पूरी ताकत से निशाना बनाया। केवल यही नहीं इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सहित अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें वेनेजुएला से बाहर निकालते हुए बंदी बनाकर अमेरिका लाया गया।
दुनिया के कई देश हैरान
इस पूरे घटनाक्रम से और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा बंदी बनाए जाने से दुनिया के कई देश हैरान रह गए हैं और इसके लिए अमेरिका की निंदा कर रहे हैं। रूस, चीन, क्यूबा, उत्तर कोरिया समेत कई देशों ने कहा है कि अमेरिका अपनी ताकत के बल पर मनमानी कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन कर रहा है। इसी कड़ी में भारत का भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। हालांकि भारत ने अमेरिका का नाम नहीं लिया है लेकिन इस पूरे मामले में वेनेजुएला के लोगों के लिए अपने समर्थन की बात कही है, साथ ही दोनों देशों (वेनेजुएला और अमेरिका) को बातचीत से अपने मुद्दे सुलझाने को कहा है।
वेनेजुएला को लेकर भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है, ''वेनेजुएला में हाल का घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय है। हम बदलते हुए हालातों पर करीब से नज़र रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के ज़रिए शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे। कराकस में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और सभी संभव सहायता देना जारी रखेगा।''

निकोलस मादुरो पर नार्को-टेररिज्म समेत कई गंभीर आरोप
निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस पर अमेरिका के खिलाफ ड्रग्स और हथियारों की साजिश में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (US DOJ) के अनुसार, निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस पर नार्को-टेररिज्म साज़िश, कोकीन तस्करी की साज़िश और अमेरिका के खिलाफ़ मशीनगन्स और विनाशकारी हथियार और डिवाइसेस रखने की साज़िश जैसे गंभीर लगाए गए हैं। न्याय विभाग ने कहा कि उन्हें जल्द ही अमेरिकी कोर्ट में अमेरिकी धरती पर अमेरिकी न्याय का पूरा गुस्सा झेलना पड़ेगा।
US अटॉर्नी जनरल ने आगे कहा कि पूरे US DOJ की तरफ से, प्रेसिडेंट ट्रंप को धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि उन्होंने अमेरिकी लोगों की तरफ से जवाबदेही की मांग करने की हिम्मत दिखाई, और हमारी बहादुर सेना को बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने इन दो कथित इंटरनेशनल नार्को तस्करों को पकड़ने के लिए अविश्वसनीय और बहुत सफल मिशन चलाया। ये कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
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निकोलस मादुरो को DEA ऑफिस ले जाया गया
वेनेजुएला से पकड़कर अमेरिका लाये जाने के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयार्क लाया गया। जहां अमेरिकी सेना ने उन्हें न्यूयार्क के मैनहट्टन लेकर पहुंची। इसके बाद निकोलस को भारी बख्तरबंद गाड़ियों के क़ाफ़िले में 'ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस' ले जाया गया। जहां उनका बायोमेट्रिक डेटा लिया गया। निकोलस मादुरो को लेकर आगामी कार्रवाई अमेरिका द्वारा की जा रही है। निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को जेल में कैद कर दिया गया है।
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हथकड़ी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर अपने सोशल मीडिया पर अकाउंट पर जारी की थी। जब उन्हें वेनेजुएला से बंदी बनाकर अमेरिका लाया जा रहा था। इस तस्वीर में निकोलस मादुरो के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। आंखों में काली पट्टी थी। कानों पर ईयरमफ्स था और हाथ में पानी की बोतल। कुछ इस तरह से एक देश के राष्ट्राध्यक्ष को अमेरिका ने दिखाया और बताया कि किस तरह से वेनेजुएला राष्ट्रपति को अपराधी की तरह ट्रीट करते हुए अमेरिका का बंदी बनाकर रखा गया है।
वहीं इसके बाद निकोलस मादुरो की और भी कुछ तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वह हथकड़ी में ही हैं और अमेरिका की गिरफ्त में लाचार दिख रहे हैं। इस पर लोग भी ये कहने को मजबूर हुए कि जो कल तक किसी देश का राष्ट्रपति था उसे आज किसी अपराधी की तरह अमेरिका ने बंदी बना रखा है। आज के आधुनिक दौर में एक देश का राष्ट्राध्यक्ष दूसरे देश में बंदी के रूप में है। एक राष्ट्राध्यक्ष की इस तरह की स्थिति हैरान करती है।

ऑपरेशन को LIVE देख रहे थे ट्रंप
जब अमेरिकी फोर्स ने शुक्रवार देर रात वेनेज़ुएला में घुसकर ऑपरेशन शुरू किया और बमबारी की तो इस पूरे ऑपरेशन को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस से LIVE देख रहे थे। यानि ट्रंप की इस ऑपरेशन की पूरी निगरानी थी। अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर करीब से हमला कर रहे थे। वहीं अमेरिकी सेना ने कुछ ही समय में सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए प्रेसिडेंट निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जिसके बाद सेना दोनों को लेकर वेनेज़ुएला से अमेरिका के लिए रवाना हो गई।
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