विक्रमशिला सेतु संकट: CM सम्राट चौधरी का कड़ा रुख; कार्यपालक अभियंता निलंबित, पुलों के 'मेंटेनेंस ऑडिट' का आदेश
Vikramshila Bridge crisis: CM Samrat Choudhary
पटना। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह से उत्पन्न समस्या को केंद्र में रख मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस क्रम में उन्होंने यह निर्देश दिया कि लोगों के लिए यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करें।
क्षतिग्रस्त हिस्से के पुनर्स्थापन काे ले विशेषज्ञों से तकनीकी प्रतिवेदन प्राप्त कर काम शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक के पहले मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पुल की मरम्मत में सहयोग की मांग की ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुलों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर रखें और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहे ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो।
विशेषज्ञों की टीम भागलपुर पहुंची
मुख्यमंत्री की बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने विक्रमशिला सेतु की स्थिति तथा की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कल रात हुई दुर्घटना के कारणों की जांच हेतु अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन) की अध्यक्षता में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक तथा आईआईटी, पटना व एनआईटी के विशेषज्ञों की टीम भागलपुर पहुंच गयी है।
यह टीम पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच कर प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार करेगी। अनुरक्षण में लापरवाही के आरोप में एनएच के कार्यपालक अभियंता , भागलपुर को निलंबित तक दिया गया है।
नए फोर लेन पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पुलाें के रखरखाव के लिए बनायी गयी मेंटेनेंस पॉलिसी के तहत राज्य के बड़े पुलों का ऑडिट कराया जाए। अनुरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर शीघ्र कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए फोर लेन पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
भागलपुर व नवगछिया दोनों तरफ सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखें और वाहन का प्रवेश वर्जित रहे। बिजली की बेहतर व्यवस्था रखें। नाव से आवागमन मे एसओपी का पालन हो और यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत. विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री से सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य अधिकारी गोपाल सिंह, वाणिज्य कर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह, व एनएचआई के अधिकारी भी मौजूद थे। भागलपुर के डीएम नवल किशोर चौधरी व वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े थे।