विक्रमशिला सेतु हादसा: संपर्क टूटने के 14 दिन बाद राहत की खबर; 5 जून से शुरू होगा छोटे वाहनों का परिचालन, बन रहे हैं 3 बेली ब्रिज
Vikramshila Bridge Mishap: Relief at Last—14 Days After
भागलपुर। Vikramshila Bridge Mishap: विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के गिरने के बाद कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के बीच सीधा संपर्क दो हफ्ते से बाधित रहा। इस वजह से हजारों लोग कठिन परिस्थितियों में नाव और जहाज के सहारे गंगा पार कर रहे हैं। चार मई को पुल का एक हिस्सा गंगा में गिर गया था, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
सरकार और प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए नाव और जहाज की व्यवस्था की, लेकिन इसके बावजूद लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। विक्रमशिला सेतु को बिहार की लाइफ लाइन माना जाता है और इसके बाधित होने से पूरे क्षेत्र का संपर्क मार्ग प्रभावित हुआ। मालवाहक वाहन विशेष रूप से परेशानी का सामना कर रहे हैं।
बेलीब्रिज से मिलेगी राहत
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि विक्रमशिला सेतु पर तीन बेली ब्रिज का निर्माण जारी है। उन्होंने कहा कि पहले बेली ब्रिज को सात दिन के भीतर लांच किया जाएगा। इसके बाद दूसरे और तीसरे बेली ब्रिज की भी लांचिंग क्रमशः जल्द ही होगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पांच जून तक छोटे वाहनों का आवागमन पुल पर आरंभ हो जाएगा। इससे स्थानीय लोगों और यात्री वाहनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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अधिकारियों ने किया निरीक्षण
नवगछिया मॉडल स्टेशन पर डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव पंकज पाल मौके पर पहुंचे। उनके साथ नवगछिया एसडीओ और पुल एवं पथ निर्माण विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान विक्रमशिला सेतु की स्थिति का जायजा लिया गया और बेली ब्रिज की तैयारी का निरीक्षण किया गया। बीआरओ की टीम, पुल निगम के अधिकारी और इंजीनियरों ने जानकारी दी। इस दौरान नवगछिया जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी मौजूद रहे।
यात्री और क्षेत्र के लिए उम्मीद की किरण
विक्रमशिला सेतु की पुनरारंभ की तैयारी से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को राहत मिलेगी। प्रशासन की ओर से जताई गई तत्परता और बेलीब्रिज की जल्द लांचिंग से क्षेत्रवासियों की कठिनाइयाँ कम होने की उम्मीद है।
हालांकि बड़े वाहनों के लिए पुल पूरी तरह से संचालन योग्य नहीं हुआ है, छोटे वाहन पांच जून तक सुरक्षित रूप से पुल पार कर सकेंगे। प्रशासन की यह पहल क्षेत्र में सामान्य जीवन और यातायात की सुचारु स्थिति बहाल करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।