उत्तरकाशी में मनाया गया सुमन दिवस, श्रीदेव सुमन के संघर्ष और बलिदान को किया गया याद
Suman Diwas celebrated in Uttarkashi
उत्तरकाशी। Suman Diwas celebrated in Uttarkashi, सुमन दिवस पर जनपदभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें श्री देव सुमन के जीवन संघर्षों को याद कर नई पीढ़ी को उनके संघर्षमयी जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने हनुमान चौक स्थित सुमन स्मारक पर पहुंचकर श्रीदेव सुमन की मूर्ति पर माल्यार्पण किया, साथ ही ज्ञानसू शहीद स्मारक पर पहुंचकर सजावटी पौधों का रोपण किया।
शनिवार सुबह सुमन दिवस पर जनपद मुख्यालय स्थित पीएम श्री राजकीय आर्दश कीर्ति इंटर कालेज से हनुमान चौक होते हुए विश्वनाथ चौक तक विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रभात फेरी निकाली।
इस अवसर पर हनुमान चौक पर आयोजित कार्यक्रम में डीएम प्रशांत आर्य ने श्रीदेव सुमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मारण किया।
कलक्ट्रेट परिसर में भी डीएम ने दीप प्रज्वलित कर श्रीदेव सुमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से श्री देव सुमन के संघर्षों और व्यक्तित्व से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया।
दिवस पर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में सुमन दिवस पर निबंध, चित्रकला, भाषण व नाटक आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इधर, विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य विकास अधकिारी जयभारत सिंह ने अमर शहीद श्रीदेव सुमन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित श्रद्धांजलि दी।
सीडीओ ने कहा कि श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध लोकतांत्रिक अधिकारों एवं जनहित के लिए संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
इस मौके पर एसडीएम शालिनी नेगी, सीएमओ डा. श्याम विजय, श्रीदेव सुमन साहित्य कला स्मृति मंच के अध्यक्ष नागेंद्र दत्त थपलियाल, सचिव शैलेंद्र नौटियाल, प्रताप सिंह बिष्ट, रविंद्र नौटियाल आदि रहे।
पीजी कालेज उत्तरकाशी में भी मनाया गया सुमन दिवस
पीजी कालेज उत्तरकाशी में भी श्री देव सुमन दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डा.नताशा व वरिष्ठ प्राध्यापक डा.बच्चन लाल शाह ने श्रीदेव सुमन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
प्रभारी प्राचार्य डा.नताशा ने कहा कि जब तक हमारी युवा पीढ़ी में सुमन जी जैसी वैचारिक ईमानदारी और साहस रहेगा, तब तक देश को कोई भी पीछे नहीं धकेल सकता, इसलिए हम सभी को एक ईमानदार नागरिक बनना चाहिए।
डा.बच्चन लाल शाह, इतिहास विभाग के प्राध्यापक डा.शुभम चौहान, डा.गंभीर तोमर, डा.महेंद्र प्रताप सिंह राणा, डा. रमेश सिंह ने भी सुमन दिवस पर विचार रखे।
डा.सोहनपाल भंडारी ने अपनी स्वरचित कविता से सुमन जी को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर दोनों परिसरों में पौधों की निराई-गुड़ाई की गई।