“उत्तर प्रदेश: चुनाव से पहले भाजपा करेगी प्रदेश पदाधिकारियों में बड़ा फेरबदल”
“Uttar Pradesh: BJP to carry out a major reshuffle
लखनऊ। “Uttar Pradesh: BJP to carry out a major reshuffle, भाजपा नए तेवर के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है। प्रदेश संगठन के आकार में बदलाव को लेकर चर्चा तेज है। अन्य राज्यों की तर्ज पर पदाधिकारियों की संख्या और उनके दायित्वों में फेरबदल किया जा सकता है।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश इकाई छोटी रखने का विकल्प दिया था, लेकिन चुनावी दृष्टि से पदाधिकारियों ने संगठन का आकार बड़ा रखने का तर्क दिया। फिलहाल सात की जगह छह महामंत्री बनाए जाएंगे, जबकि 18 उपाध्यक्षों एवं 16 मंत्रियों की संख्या में परिवर्तन किया जा सकता है।
बिहार में पिछले दिनों 38 सदस्यीय प्रदेश इकाई बनी, जिसमें उपाध्यक्ष एवं मंत्रियों की संख्या में एक-एक पद बढ़ाया गया। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में आठ माह से भी कम समय बचा है। ऐसे में पदाधिकारियों की संख्या कम नहीं की जाएगी।
एक विकल्प दिया गया कि यूपी प्रदेश इकाई में 18 की जगह 14 उपाध्यक्ष बनाए जाएं। लेकिन प्रदेश बड़ा है, जिसमें सभी छह क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व दिखाने के लिए संगठन का आकार बढ़ाने की बात कही गई है। पहले सात महामंत्रियों में से छह एक-एक क्षेत्र के प्रभारी बनाए जाते थे।
एक महामंत्री कार्यालय प्रभारी के रूप में काम करता था। लेकिन पिछली कार्यकारणी में इसमें बदलाव किया गया। महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को कार्यालय प्रभारी के साथ ही गोरखपुर क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया।
इस बार पद में बदलाव की चर्चा है। राजधानी लखनऊ अवध क्षेत्र में है, जहां से ज्यादा प्रदेश पदाधिकारी बनाए जाते रहे हैं। काशी क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकसभा सीट है, जिसे सर्वाधिक वरीयता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष का क्षेत्र होने की वजह से गोरखपुर भी काफी महत्वपूर्ण है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन एवं जनप्रतिनिधियों के बीच कई इस बार विवाद उभरा, ऐसे में नए चेहरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
ब्रज क्षेत्र से सरकार में बड़ी संख्या में मंत्री हैं, ऐसे में संगठन में बड़े बदलाव का दबाव नहीं होगा, लेकिन पश्चिम क्षेत्र से उपाध्यक्षों की संख्या घटाकर कम से कम एक महामंत्री बनाया जाएगा।
प्रदेश पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों जिलों का आकार देखे बिना अध्यक्ष समेत 21-21 सदस्यों की टीम बनाई गई। लेकिन प्रदेश इकाई में बदलाव कर बड़ा संदेश दिया जा सकता है।