Aaj Ka Panchang, 14 February 2026: आज का विस्तृत पंचांग और ज्योतिषीय संयोग
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Aaj Ka Panchang, 14 February 2026: आज का विस्तृत पंचांग और ज्योतिषीय संयोग

Panchang and astrological coincidences

Today's detailed Panchang and astrological coincidences

Aaj Ka Panchang, 14 February 2026: 14 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की कृष्ण द्वादशी तिथि है। आज भी कुंभ राशि में सूर्यदेव के साथ बुधदेव, शुक्रदेव और राहु हैं। जब सूर्य और राहु बहुत पास आ जाते हैं तो ग्रहण की स्थिति बनती है। सूर्य ग्रहण 17 फरवरी पर पड़ रहा है हालांकि, भारत में यह दृष्ट नहीं होगा।

आज चंद्र देव, धनु राशि के पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपके स्वभाव में धार्मिकता, साहस और दया भाव की वृद्धि होगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र की खासियत यह है कि यह पड़ता तो गुरु बृहस्पति की राशि में है लेकिन इसके स्वामी विलासिता के प्रतीक शुक्रदेव हैं। मंगलदेव मकर राशि में स्थित होकर आपके भीतर कार्यों के प्रति ऊर्जा बनाए रखेंगे। मंगल उच्च भी हैं और अस्त भी !
आज शनि प्रदोष व्रत का पावन अवसर भी है, जो भगवान शिव की विशेष कृपा पाने और शनिदोष के प्रभावों को कम करने के लिए अच्छा है। कार्यों के सफल संचालन के लिए दोपहर 12:13 से 12:58 तक के अभिजीत मुहूर्त का उपयोग करें। सुबह 09:48 से 11:12 तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय सावधानी बरतें।

महत्वपूर्ण
तिथि: कृष्ण द्वादशी – सायं 04:01 बजे तक
योग: सिद्धि – रात्रि 03:18 बजे तक (15 फरवरी)
करण: तैतिल – सायं 04:01 बजे तक
करण: गरज – रात्रि 04:37 बजे तक (15 फरवरी)

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 07:00 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:10 बजे
चंद्रोदय का समय: प्रातः 05:36 बजे (15 फरवरी)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 03:08 बजे

समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: धनु राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।
बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।
शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।
राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।
केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 01:03 बजे से 02:47 बजे तक

आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 09:48 बजे से 11:12 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 07:00 बजे से 08:24 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:23 बजे तक

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: सायं 06:16 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: लोकप्रिय, धार्मिक, आध्यात्मिक, साहसी, हंसमुख, बुद्धिमान, सलाहकार, दयालु, उदार, वफादार मित्र, खतरनाक शत्रु, लंबा कद, यात्रा प्रिय और विलासिता
नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव
देवता: अपस (ब्रह्मांडीय महासागर)
प्रतीक: हाथी का दांत और पंखा
आज शनि प्रदोष व्रत है

शनि प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से शनि दोष, साढ़े साती और ढैया के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है। भक्त इस दिन निराहार रहकर शाम को प्रदोष काल में शिव जी का विधि-विधान से पूजन करते हैं। मान्यता है कि इस दिन महादेव का अभिषेक करने से दीर्घायु और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के नीचे दीपक जलाना शुभ होता है। यह व्रत संकटों से मुक्ति