मोदी सरकार में नक्सलवाद से मुक्त भारत का सपना हो रहा साकार:- पंडित मोहनलाल
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मोदी सरकार में नक्सलवाद से मुक्त भारत का सपना हो रहा साकार:- पंडित मोहनलाल

Dream of a Naxalism-Free India

Dream of a Naxalism-Free India

Dream of a Naxalism-Free India: यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी के शक्तिशाली नेतृत्व में नक्सलवाद मुक्त मुहिम ने ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करते हुए इतिहास रच दिया हैं।कांग्रेस के शासन में माओवादी विचारधारा फैली। इंदिरा गांधी के राजनीतिक स्वार्थ से नक्सल फैला। शाह जी ने इतिहास, भूगोल और आंकड़ों के जरिए नक्सली विचारधारा की जड़ों पर करारा प्रहार किया। अमित शाह जी ने देश के अंदर से नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च की समयसीमा तय की है। अब यह डेडलाइन करीब आ गई है। इस समयसीमा के ठीक एक दिन पहले लोकसभा में इस दिशा में किए गए सार्थक प्रयासों पर चर्चा हुई इस दौरान देश के ग्रहमंत्री ने प्रेरणास्रोत संबोधन करते हुए लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर नियम 193 के तहत चर्चा की ।

नक्सलवाद के मुद्दे पर लोकसभा में बोलते हुए अमित शाह जी ने काह कि रेड कॉरिडोर में गिने जाने वाले 12 राज्य और आदिवासियों की ओर से आपका चर्चा के लिए धन्यवाद देता हूं। वे सालों से चाहते थे कि यह व्यवस्था एकबार संसद में उजागर हो और पूरी दुनिया उसको जाने। मगर लंबे समय तक उसको मौका नहीं दिया गया।अमित शाह जी ने लोकसभा में कहा कि नक्सलवाद की जड़ें खत्म हो रही हैं और आदिवासियों की आवाज अब संसद तक पहुंची है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने समस्या को बढ़ने दिया। मोदी सरकार के फैसलों से हालात बदले हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल विचारधारा आदिवासियों को गुमराह करती है और अब देश नक्सलवाद मुक्त बनने की ओर बढ़ रहा है।लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने कहा कि रेड कॉरिडोर के 12 राज्यों और आदिवासी समाज की ओर से वह इस बहस के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी वर्षों से चाहते थे कि उनकी स्थिति संसद में उठे और पूरी दुनिया सच्चाई जाने, लेकिन उन्हें लंबे समय तक यह मौका नहीं मिला। अब उनकी आवाज राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची है।अमित शाह जी  ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कई आदिवासी सांसद वोट के लालच में कांग्रेस के साथ खड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने समाज के विकास के लिए क्या किया, यह सवाल आज भी खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद माना था कि माओवादी हिंसा देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती है, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अमित शाह जी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने नक्सलवाद की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचाया गया, जिससे वहां असंतोष बढ़ा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की कमजोरी के कारण ही नक्सलवाद ने जड़ें मजबूत कीं।उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कई बड़े फैसले हुए। उन्होंने धारा 370 और 35ए हटाने, राम मंदिर निर्माण, जीएसटी लागू करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन 12 वर्षों में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा मजबूत हुई है।अमित शाह ने कहा कि अब नक्सलवाद से मुक्त भारत का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की मजबूत नीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई का परिणाम है। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ा बदलाव बताया।गृह मंत्री जी ने कहा कि ये जो हथियारी मूवमेंट के वकील बने हुए हैं, कहते हैं हमारे साथ अन्याय हो रहा है। अन्याय हो रहा है तो उसके लिए व्यवस्थाएं बनी हैं। अदालतें बनी हैं। हथियार उठा लोगे। संविधान को नहीं मानोगे। ऐसा नहीं चलेगा। ये नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो भी हथियार उठाएगा, उसका यही अंजाम होगा। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर में लाल आतंक की परछाई थी, इसलिए वहां विकास नहीं पहुंचा।अमित शाह जी ने कहा कि 70 में से 60 साल तो सरकार कांग्रेस की रही। फिर क्यों विकास नहीं हुआ। आपने क्यों नहीं किया विकास आज आप हिसाब मांग रहे हो। मैं पूरा बताऊंगा। वहां करोड़ों लोग गरीबी में वर्षों तक जीते रहे, किसी ने चिंता नहीं की। 20 हजार युवा मारे गए, कई दिव्यांग बन गए और उन तक विकास नहीं पहुंचा। कौन जिम्मेदार है। क्या देश की सबसे बड़ी पंचायत को इस पर चिंतन नहीं करना चाहिए। नक्सलवाद का मूल कारण विकास की डिमांड नहीं, एक आइडियोलॉजी है। जिसे एक राष्ट्रपति चुनाव के कारण इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया। मातृभूमि के चरणों में समर्पित मोदी सरकार, हर प्रकार से नक्सलवाद के ख़ात्मे के लिए प्रतिबद्ध है।