जमशेदपुर: टाटा संस का मुनाफा बढ़ा, अनलिस्टेड कंपनियों का घाटा चिंता का विषय
Tata Sons' Profit Rises; Losses in Unlisted Companies
जमशेदपुर। टाटा संस पिछले 10 साल से लगातार मुनाफे में है और 1.97 लाख करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा कमा चुकी है। हालांकि, एयर इंडिया और टाटा डिजिटल जैसी अनलिस्टेड (गैर-सूचीबद्ध) कंपनियों का भारी घाटा चिंता का विषय बन गया है।
टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इन नए व्यवसायों में भारी पूंजी लगाने और लगातार हो रहे नुकसान पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
31 कंपनियां घाटे में, बढ़ा कर्ज
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में अनलिस्टेड कंपनियों का शुद्ध घाटा 58.3 प्रतिशत बढ़कर 25,568.8 करोड़ रुपये हो गया। बीते 10 वर्षों में इन कंपनियों ने 1.75 लाख करोड़ रुपये का कुल घाटा दर्ज किया है
इस वर्ष कुल 100 में से 31 अनुषंगी कंपनियां नुकसान में रहीं। एयर इंडिया 3,975.8 करोड़ रुपये के घाटे के साथ सबसे ऊपर है और उस पर 94,005 करोड़ रुपये की देनदारी है।
इसके अलावा टाटा टेलीसर्विसेज (1,335 करोड़), टाटा इलेक्ट्रानिक्स (1,272 करोड़) और टाटा डिजिटल (998 करोड़) भी नुकसान में हैं।
नोएल टाटा की अगुवाई वाली टाटा इंटरनेशनल का घाटा भी बढ़कर 457 करोड़ रुपये हो गया है। लगातार नुकसान से समूह का कुल कर्ज 27.5 प्रतिशत बढ़कर 3.46 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
राजस्व में उछाल, टीसीएस पर निर्भरता घटी
घाटे के बावजूद, इन कंपनियों ने बिक्री बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। टाटा संस का कुल राजस्व 25.6 प्रतिशत उछलकर रिकार्ड 5.99 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कुल बिक्री में अनलिस्टेड कंपनियों की हिस्सेदारी 47.3 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि टीसीएस का हिस्सा 2016 के 73.1 प्रतिशत से घटकर 42.6 प्रतिशत पर आ गया है।
नए व्यवसायों में निवेश की झड़ी
टाटा संस टीसीएस और अन्य कंपनियों से मिलने वाले लाभांश (डिविडेंड) का इस्तेमाल नए व्यवसायों को पालने में कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में टाटा संस को 36,514 करोड़ रुपये का लाभांश मिला, जिसमें 92% हिस्सा अकेले टीसीएस का था।
2020 के बाद से 84.2 प्रतिशत नया निवेश केवल अनलिस्टेड कंपनियों में हुआ है। इस साल इनमें रिकॉर्ड 31,000 करोड़ रुपये डाले गए।
22,903 करोड़ रुपये के निवेश के साथ टाटा डिजिटल अब समूह का सबसे बड़ा निवेश बन गया है, जिसने टाटा मोटर्स और एयर इंडिया (22,618 करोड़) को भी पीछे छोड़ दिया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
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बड़ा घाटा: वित्त वर्ष 2024-25 में अनलिस्टेड कंपनियों का शुद्ध घाटा 58.3% बढ़कर ₹25,568.8 करोड़ हो गया है।
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टॉप लूजर्स: एयर इंडिया (₹3,975.8 करोड़ घाटा) और टाटा डिजिटल सबसे ज्यादा नुकसान में हैं। एयर इंडिया पर कर्ज का बोझ ₹94,005 करोड़ तक पहुंच गया है।
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बदलता समीकरण: टाटा संस के कुल राजस्व में अनलिस्टेड कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़कर 47.3% हो गई है, जबकि टीसीएस (TCS) की हिस्सेदारी 73% से घटकर 42.6% रह गई है।
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भारी निवेश: टाटा डिजिटल अब समूह का सबसे बड़ा निवेश बन गया है, जिसमें रिकॉर्ड ₹22,903 करोड़ डाले गए हैं।