‘दो गज जमीन’ बयान मामले में गिरिराज सिंह को राहत, अदालत ने अग्रिम जमानत रखी बरकरार
Relief for Giriraj Singh in ‘Do Gaz Zameen’ statement case
बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह को चर्चित 'दो गज जमीन' बयान मामले में सोमवार को बड़ी राहत मिली।
एमपी-एमएलए कोर्ट के एसीजेएम प्रथम की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत को बरकरार रखा। वहीं, प्रत्येक सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट देने संबंधी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-205 के तहत दायर आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया।
2019 में दर्ज हुआ था मामला
एक दिवसीय बेगूसराय दौरे के दौरान गिरिराज सिंह स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई के बाद उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दुर्भावना के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर ऐसी धाराएं लगाई गईं, मानो वे कोई आतंकवादी हों। साथ ही न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए अदालत के प्रति आभार व्यक्त किया।
मामले के अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि 6 अप्रैल 2019 को जीडी कॉलेज परिसर में चुनावी सभा के दौरान दिए गए भाषण को लेकर धार्मिक विद्वेष फैलाने सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर थाना कांड संख्या-221/2019 दर्ज हुआ था। बचाव पक्ष का दावा है कि अभियोजन अब तक कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है।
रिकॉर्डिंग नहीं है उपलब्ध
कथित भाषण की प्रमाणिक रिकॉर्डिंग और सीजर लिस्ट भी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री होने के कारण गिरिराज सिंह पर कई प्रशासनिक दायित्व हैं, इसलिए व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट की मांग की गई है।
गौरतलब है कि 'दो गज जमीन' बयान को लेकर 2019 में काफी राजनीतिक विवाद हुआ था। मामले में मूल केस डायरी के गायब होने का मुद्दा भी पहले चर्चा में रह चुका है।
अब धारा-205 के आवेदन पर अदालत के आदेश का इंतजार है, जिस पर आगे की सुनवाई की दिशा निर्भर करेगी।