Raghav Chadha Mobile Recharge: संसद में उठा 'मोबाइल रिचार्ज' का बड़ा मुद्दा; राघव चड्ढा ने कहा- लोगों के साथ हो रहा स्कैम

संसद में उठा 'मोबाइल रिचार्ज' का बड़ा मुद्दा; राघव चड्ढा ने कहा- लोगों के साथ हो रहा स्कैम, 12 महीने में 13 बार क्यों करना पड़ता है रिचार्ज

Raghav Chadha Speech in Rajya Sabha Over Prepaid Mobile Recharge

Raghav Chadha Speech in Rajya Sabha Over Prepaid Mobile Recharge

Raghav Chadha Mobile Recharge: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर देश के करोड़ों लोगों से जुड़ा एक बड़ा और अहम मुद्दा संसद में उठाया है। ये मुद्दा है प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज का और टेलीकॉम कंपनियों की उस चालाकी का, जिसमें इनकमिंग कॉल को रोकने की मनमानी व पूरे 1 महीने के रिचार्ज की बजाय 28 दिन का रिचार्ज देकर लोगों को गज़ब तरीके से लूटने का काम किया जा रहा है। राघव चड्ढा ने बड़ी प्रमुखता से संसद के उच्च सदन राज्यसभा में इसे मुद्दे को रखा। अब देखना यह होगा की भारत सरकार इस पर क्या कदम उठाती है?

12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों?

राघव चड्ढा ने सदन में बोलते हुए कहा, मोबाइल आज के समय में Luxury नहीं, बल्कि आम नागरिक की Necessity बन चुका है। इसलिए टेलीकॉम कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ Fair और Transparent रवैया रखना चाहिए। लेकिन टेलीकॉम कंपनियां अपनी मनमानी कर रहीं हैं। चड्ढा ने सवाल उठाया कि कंपनियां एक साल में 12 की जगह 13 रिचार्ज कराती हैं। 12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों करना पड़ता है? आखिर रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग कॉल क्यों बंद की जाती है? 

राघव चड्ढा ने कहा कि अगर आपका रिचार्ज खत्म हो जाए तो आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल बंद करना एक तरह से मनमानी है। रिचार्ज खत्म होते ही न कोई आपसे संपर्क कर सकता है और और न ही आपके फोन पर OTP  जैसे जरूरी मैसेज आ पाते हैं। ऐसे में Emergency के हालातों में व्यक्ति बेसहारा हो जाता है। चड्ढा ने कहा कि ये टेलीकॉम  कंपनियों की मनमानी है जिस पर रोक लगनी चाहिए। चड्ढा ने मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें।

28 दिन का Recharge Plan एक स्कैम

राघव चड्ढा ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों का 28 दिन का Recharge Plan एक स्कैम है। साल में महीने 12 होते हैं लेकिन रिचार्ज 13 बार करवाना पड़ता है यानि (28 days x 13 times = 364 days)। चड्ढा ने मांग की Recharge  Plan की वैधता Calender Months (30–31 दिन) एक महीना के हिसाब से होनी चाहिए, क्योंकि 28 दिन के चक्कर में लोगों को साल भर में एक अतिरिक्त रिचार्ज करवाना पड़ता है।

लोगों के बीच खास चर्चा में हैं राघव चड्ढा

AAP सांसद राघव चड्ढा इन दिनों देश के लोगों के बीच खास चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ की जा रही है। खासकर युवा उन्हें खूब पसंद कर रहे हैं। इसके पीछे कारण है की राघव चड्ढा संसद में लगातार जनहित के मुद्दे उठा रहे हैं। ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनका सीधा जनता से सरोकार है। हाल ही में राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स (फूड-प्रोडक्ट डिलीवरी बॉयज की रीच टाइमिंग और उनकी सैलरी) का मुद्दा संसद में उठाया था और इसके बाद इसका प्रभाव भी हुआ।

इसके अलावा पिछले दिनों राघव चड्ढा बाजार के मिलावटी खाद्य पदार्थों का मुद्दा उठाते भी संसद में नजर आये थे। इसके साथ ही राघव चड्ढा ने राज्यसभा में एक ऐसे मसले पर भी चर्चा की थी जो कि सीधे तौर से देश के करोड़ों प्राइवेट नौकरीपेशा लोगों के हित से जुड़ा हुआ है। राघव चड्ढा ने सरकार से भारत में तुरंत 'इन्फ्लेशन लिंक्ड सैलरी रिवीजन एक्ट' (महंगाई से जुड़ा वेतन संशोधन कानून) लाने की मांग की थी। जिससे नौकरीपेशा लोगों को महंगाई से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। चड्ढा ने कहा था कि वित्त वर्ष 2018 से 2026 के बीच सैलरीड भारतीयों की असली कमाई 16 प्रतिशत घट गई है।