बिहार विधानसभा में सात अहम विधेयक पारित, नया जुआ कानून, दाखिल-खारिज शुल्क और डॉक्टरों की प्रैक्टिस से जुड़े बड़े फैसले
Seven key bills passed in the Bihar Legislative Assembly
पटना। Seven key bills passed in the Bihar Legislative Assembly, मंगलवार को बिहार विधानसभा की दूसरी पाली की कार्यवाही के दौरान सात विधेयक पारित किए गए। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026, बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक,2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।
खास बात यह कि बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को पारित करने में सदन के सभी सदस्यों ने सहमति दी यानी यह विधयेक सर्वसम्मति से पारित हुआ।
वहीं, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने से अब राज्य में दाखिल-खारिज कराने के लिए 200 रुपये शुल्क देना पड़ेगा।
जल्द ही ये सभी विधेयकों पर राज्यपाल की सहमति मिलेगी और फिर यह कानून के तौर पर लागू हो जाएगा। बता दें कि ये सभी विधेयक सोमवार को विधानसभा में वितरित किए गए थे।
15 अगस्त को 30 हजार भूमिहीनों को बासगीत पर्चा देंगे मुख्यमंत्री : मंत्री
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सदन में बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्य के 30 हजार भूमिहीनों को बासगीत पर्चा दिया जाएगा।
विपक्ष द्वारा दाखिल-खारिज शुल्क का विरोध करने और गरीबों पर आर्थिक बोझ देने पर मंत्री ने कहा कि गरीब जमीन नहीं खरीदता है। भूमिहीनों को सरकार तीन डिसमिल जमीन दे रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार एक लोक कल्याणकारी राज्य है। राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए राजस्व वृद्धि की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में राजस्व की बढ़ोतरी आवश्यक है।
जुआ कानून का दुरुपयोग रोकेगी सरकार: उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को पेश किया। उन्होंने
विपक्ष के सदस्यों द्वारा जुआ कानून का पुलिस द्वारा दुरुपयोग किए जाने के आरोप पर कहा कि इस कानून का दुरुपयोग होगा। इसका संज्ञान सरकार को है। इसका दुरुपयोग को सख्ती से सरकार रोकेगी।
उन्होंने सदन को बताया कि 1867 में लागू पुराना कानून को खत्म कर नया कानून संबंधी विधेयक सदन में लाया गया है जिसे सर्वसम्मति से सदन को पारित करना चाहिए। इस कानून के दायरे में केवल जुआ खेलने वाले ही नहीं आएंगे बल्कि जुआघर के संचालक, प्रबंधक भी कानून के दायरे में आएंगे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जो जुआ चलाते हैं और उन्हें जो बैंक सहयोग करेंगे, उन्हें भी सख्त से सख्त सजा दिलाने का प्रविधान किया गया है।यह कानून राज्य की जनता के हित में है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सर्वसम्मति से इस कानून से संबंधित विधेयक को पारित किया। इस कानून के लागू होने से पुलिस को ऑफलाइन जुआघर, सट्टेबाजी के साथ ऑनलाइन जुआ और बेटिंग वेबसाइट-एप पर प्रतिबंध लगाने और कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा। सार्वजनिक स्थल पर जुआ खेलते पकड़े जाने पर पुलिस बिना वारंट तलाशी लेने के साथ ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सकेगी।
देश के अन्य प्रदेशों के डॉक्टर बिहार में कर सकेंगे प्रैक्टिस
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सदन में बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026 और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
उन्होंने सदन को बताया कि यह कानून पहले से देश के अन्य राज्यों में लागू है। नए कानून के लागू होने पर जो चिकित्सक कदाचार या अन्य गड़बड़ी में पकड़े जाएंगे, उनके पंजीकरण रद करने का प्रविधान है। ये दोनों कानून के प्रभावी होते ही बिहार में अब स्व-प्रमाणन प्रमाणपत्र देकर दूसरे राज्य में निबंधित डॉक्टर और नर्स प्रैक्टिस कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अबतक पूर्व निबंधन वाले राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर पुन: बिहार में निबंधन कराना पड़ता था, तभी प्रैक्टिस करने के पात्र हो सकते थे।
जनहित में है बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक : बिजेंद्र प्रसाद यादव
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल की अनुशंसा के आलोक में यह विधेयक लाया गया है जो जनोपयोगी है और जनता के हित में है।
वहीं, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026 को सदन में पेश किया।
विधानसभा में पेश ये सात विधेयक बने कानून
- बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026
- बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक,2026
- बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
- बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक, 2026