चंडीगढ़ में डिजिटल भूमि प्रशासन को मिलेगी रफ्तार: मुख्य सचिव ने लैंडस्टैक व नक्शा परियोजनाओं की समीक्षा
Digital land administration in Chandigarh to gain momentum
चंडीगढ़, 21 जुलाई (साजन शर्मा): Digital land administration in Chandigarh to gain momentum, चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने मंगलवार को लैंडस्टैक परियोजना और नक्शा पायलट कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य कर निर्धारित समय सीमा में दोनों परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लैंडस्टैक के पूरी तरह लागू होने के बाद नागरिकों को एक ही डिजिटल पोर्टल पर भूमि संबंधी समग्र जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे संपत्ति संबंधी सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और सरल बनेंगी।
उच्च स्तरीय बैठक में गृह सचिव मंदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दिप्रवा लाकड़ा, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, एनआईसी के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड के एकीकरण, जीआईएस आधारित भू-खंड मैपिंग, स्वामित्व अभिलेखों के सत्यापन, डेटा साझाकरण और लैंडस्टैक पोर्टल पर नागरिक सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों के भूमि संबंधी रिकॉर्ड को एकीकृत कर एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से चल रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड को प्रत्येक संपत्ति से जोड़ना जटिल प्रक्रिया है, इसलिए डेटा की शुद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को उपायुक्त कार्यालय और एनआईसी के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा भूमि अभिलेख, स्वामित्व विवरण और नक्शों का गहन सत्यापन करने के बाद ही पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संपत्तियों से जुड़ी विभिन्न उपयोगिता सेवाओं को भी लैंडस्टैक पोर्टल से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इससे चंडीगढ़ डिजिटल भूमि प्रशासन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हो सकेगा।
बैठक में नक्शा पायलट कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अब तक की प्रगति पर संतोष जताया और चयनित गांवों में दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद आबादी देह क्षेत्रों के पात्र निवासियों को शहरी संपत्ति कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में इस योजना का विस्तार पूरे चंडीगढ़ में करने का सुझाव भी दिया।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि दोनों परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है और सभी संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर शेष कार्य पूरा करने के लिए समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को पारदर्शी और सुदृढ़ डिजिटल भूमि प्रशासन उपलब्ध कराने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।