यूपी में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, 7,364 छापे, 30 एफआईआर और 266 टन से अधिक उर्वरक जब्त
Agriculture Department takes major action against
लखनऊ। खाद के संकट की आशंकाओं के बीच कृषि विभाग कालाबाजारी कराने के लिए निगरानी में जुटा है। प्रदेश में अब तक 7364 छापे मारे गए हैं। इस दौरान 136 लाइसेंस निलंबित और 35 निरस्त किए गए। 694 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 19 दुकानें सील की गईं और 30 मामलों में एफआइआर दर्ज कराई गई हैं। विभाग ने 266.60 टन स्टाक भी जब्त किया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को विधान भवन स्थित समिति कक्ष में आयाेजित बैठक में कृषि मंत्री ने उर्वरक कंपनियों को भारत सरकार द्वारा जुलाई के लिए आवंटित मात्रा की शत-प्रतिशत आपूर्ति कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि 20 जुलाई तक प्रदेश में कुल 15.98 लाख टन यूरिया, 5.02 लाख टन डीएपी, 4.93 लाख टन एनपीके, 3.63 लाख टन एसएसपी और 1.11 लाख टन एमओपी उपलब्ध है।
1851 टन एनपीके की हो रही खपत
सहकारिता और निजी क्षेत्र में पर्याप्त स्टाक है और वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 27,232 टन यूरिया, 6261 टन डीएपी व 1851 टन एनपीके की खपत हो रही है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराने, उर्वरकों का अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की। बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, आयुक्त सहकारिता योगेश कुमार, निदेशक कृषि डा. पंकज त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
वहीं पशुओं के चारे की उपलब्धता को लेकर हुई बैठक में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय उन्नाव (उत्तर प्रदेश) के विशेषज्ञों द्वारा कृषि, पशुपालन और पर्यटन एकीकृत विकास माडल का प्रस्तुतिकरण किया। कृषि मंत्री, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह व पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने विस्तृत समीक्षा के बाद कार्य योजना बनाने की बात कही। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, महानिदेशक उपकार डा. संजय सिंह आदि उपस्थित रहे।