प्रधानमंत्री मोदी ने प्रम्बानन मंदिर में सांस्कृतिक विरासत को बताया भारत-इंडोनेशिया की साझा कड़ी
Prime Minister Modi described cultural heritage as a shared bond
Prime Minister Modi described cultural heritage as a shared bond , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को आपस में जोड़ती है। उन्होंने प्रम्बानन मंदिर परिसर की 'विशाल विरासत' को संरक्षित रखने के लिए इंडोनेशिया और वहां के लोगों का धन्यवाद किया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल का दौरा करने के दौरान अपने भाषण में उन्होंने कहा कि प्रम्बानन मंदिर परिसर के लिए एक संयुक्त संरक्षण परियोजना के उद्घाटन का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है।
मोदी ने कहा, ''मैंने सुना है कि यहां की हवाओं में संस्कृति की खुशबू है। यह वही खुशबू है जिसे हम हर पल भारत की मिट्टी में महसूस करते हैं। यह खुशबू, यह सांस्कृतिक विरासत हमें जोड़ती है।'' उन्होंने कहा, ''1200 साल... मैं यहां (इंडोनेशिया में) के लोगों का धन्यवाद करता हूं... जिस तरह से उन्होंने इस शानदार विरासत को सुरक्षित रखा है, इसे बनाए रखा है और पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ ऐसा किया है। इसलिए, मैं इंडोनेशिया के लोगों और अब तक रहे सभी शासकों का भी पूरे दिल से अभिवादन करता हूं।''
दोनों नेताओं का इस ऐतिहासिक स्थल का दौरा, भारत और इंडोनेशिया के बीच मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार की परियोजना को भारत की मदद से शुरू करने के लिए 'आशय पत्र' के आदान-प्रदान के एक दिन बाद हुआ। उन्होंने कहा, ''मैंने इस मंदिर में 'महामृत्युंजय' और 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रों का जाप होते देखा; इसने सचमुच दिल को छू लिया।'' उन्होंने कहा, ''जब हम प्रम्बानन मंदिर परिसर में संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम शुरू कर रहे हैं, जो यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है तो मुझे पूरा भरोसा है कि भारतीय पर्यटक निश्चित रूप से इस जगह पर आएंगे।'' मोदी सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण है- जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी शामिल हैं।