नामांतरण और पैतृक जमीन से जुड़े मामले में पटवारी सस्पेंड
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नामांतरण और पैतृक जमीन से जुड़े मामले में पटवारी सस्पेंड

Patwari suspended in case related to land mutation

Patwari suspended in case related to land mutation

(अर्थ प्रकाश संवाददाता )

रायपुर  : : (छत्तीसगढ़) फर्जी नामांतरण और पैतृक परिवार जमीन से जुड़े मामले में पटवारी पर एक्शन, यसडीयम ने किया सस्पेंड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. जिले में फर्जी नामांतरण और पैतृक जमीन से जुड़े मामले में पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. 
    जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पटवारी रविंद्र कश्यप (पटवारी हल्का नंबर 24, करगीकला) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. इस आशय का आदेश अनुविभागीय राजस्व के हस्ताक्षर से जारी हुआ है.

​शिकायतकर्ता सावन सिंह और तीन अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर उनकी पैतृक संपत्ति का फर्जी फौती नामांतरण किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज करा दिया. इतना ही नहीं, जालसाजों ने उस जमीन की रजिस्ट्री कराकर बची हुई भूमि को भी बेचने का प्रयास किया. पीड़ितों ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी.
​जांच में संदिग्ध पाई गई पटवारी की भूमिका मामले में शिकायत होने के बाद ​कलेक्टर के निर्देश पर जब इस मामले की प्रारंभिक जांच की गई, तो प्रथम दृष्टया पटवारी रविन्द्र कश्यप की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई. जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के सर्वथा विपरीत और घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है. ​

निलंबन अवधि में मुख्यालय ​एसडीएम द्वारा जारी आदेश के तहत पटवारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही नियत किया गया है. नियम के अनुसार, उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.  
      इस तरह के मामले को देखते हुए विपक्ष परियों काएक आंदोलन देने की चेतावनी दीतथा पूरे राज्य मेंइस तरह केनामांतरण पंजीकरण की जो भी मामले हैं तत्काल जांच करने का आदेश मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया ।