बिहार में जनजातीय विकास को नई दिशा, वाल्मीकिनगर-कैमूर में हेलीपोर्ट और मैराथन की घोषणा

बिहार में जनजातीय विकास को नई दिशा, वाल्मीकिनगर-कैमूर में हेलीपोर्ट और मैराथन की घोषणा

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New Direction for Tribal Development in Bihar

पटना। New Direction for Tribal Development in Bihar, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन का आयोजन करने और वाल्मीकिनगर तथा कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

इसमें प्रथम विजेता को एक लाख, द्वितीय विजेता को 75 हजार एवं तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। कैमूर के अधौरा में जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्ष का जीवन जी रहे हैं, वहां भी डिग्री कालेज खोला जाएगा।

वाल्मीकिनगर तथा कैमूर में हेलीपोर्ट बनाया जाएगा। इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। आदिवासी समाज के बीच पर्यटकों के लिए होम स्टे को बढ़ावा दिया जाएगा, इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोग आदिवासी संस्कृति को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में बिरसा लिब्स इन न्यू भारत थीम के तहत प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति के लाभुकों के साथ संवाद कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। यह कार्यक्रम जनजातीय गरिमा उत्सव-2026 के तहत किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत-समृद्ध बिहार की कल्पना के साथ बिरसा लिब्स इन न्यू भारत थीम के तहत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का शुभारंभ किया गया है।

यह अपने आप में ऐतिहासिक है। यह वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत पिछले वर्ष 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अनुसूचित जनजाति समाज के छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा में लाने के लिए काम कर रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य स्कूलों की स्थापना की गई है, जिसमें बिहार बोर्ड के साथ सीबीएसई के सिलेबस की पढ़ाई कराई जाएगी,जिससे अनुसूचित जनजाति समाज के बच्चे आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के तहत लगभग 1 लाख 4 हजार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिसमें 4 हजार 155 अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्रा हैं।

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है, जिसमें 1 लाख 41 हजार अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्रा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी आदिवासी समाज के लोगों की आबादी करीब 20 हजार है। आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमलोग काम कर रहे हैं।

अनुसूचित जनजाति के लिए थरूहट विकास योजना के तहत पश्चिम चंपारण में 180 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराये गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वन क्षेत्र में वृद्धि के लिए काम किया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बंटवारे के बाद झारखंड की स्थापना हुई और बिहार का हरित आवरण क्षेत्र आठ से नौ प्रतिशत ही शेष रह गया। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में वन क्षेत्र के आच्छादन में वृद्धि के लिए निरंतर काम किया और राज्य का वन क्षेत्र 15 प्रतिशत हो गया।

हमलोगों का लक्ष्य इसे 17 प्रतिशत करने का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार बनाने के सपने को साकार करने के लिये हमलोग काम कर रहे हैं।

कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डा.गोपाल सिंह, शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडुकलकट्टी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।