राजस्थान की राजनीति में नया विवाद: हनुमान बेनीवाल ने मदन राठौड़ को भेजा कानूनी नोटिस
New Controversy in Rajasthan Politics
New Controversy in Rajasthan Politics: नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ की बीच ठन गई है. मदन राठौड़ और हनुमान बेनीवाल के बीच बयानबाजी चल रही है. लेकिन इस बीच हनुमान बेनीवाल ने अपने खिलाफ बयान देने को लेकर मदन राठौड़ को लीगल नोटिस भेजा है. बेनीवाल ने आरोप लगाया है कि राठौड़ के दिए गए सार्वजनिक बयानों से उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है. नोटिस में जवाब और कार्रवाई के लिए 7 दिन का समय दिया गया है.
मदन राठौड़ का बयान मानहानिकारक
दिल्ली की लॉ फर्म एसकेसी लॉयर्स एंड सॉलिसिटर्स के माध्यम से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि मदन राठौड़ ने सार्वजनिक मंचों और मीडिया में ऐसे बयान दिए जो मानहानिकारक हैं और लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादाओं के विपरीत हैं. नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इन बयानों से सामाजिक बहिष्कार जैसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिलता है जो संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
दरअसल, हाल ही में मदन राठौड़ ने हनुमान बेनीवाल की राजनीतिक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए. उन्होंने बेनीवाल की कार्यशैली और भाषा पर सवाल उठाते हुए मीडिया और समाज से ऐसे नेताओं के सामाजिक बहिष्कार की बात कही थी. इसी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ.
नोटिस में सार्वजनिक माफी की मांग
हनुमान बेनीवाल का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि के सामाजिक बहिष्कार की अपील करना न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी उचित नहीं है. उन्होंने नोटिस में मदन राठौड़ से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है.
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में जवाब नहीं दिया गया और माफी नहीं मांगी गई तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
राजस्थान की राजनीति में भाजपा और आरएलपी के बीच जारी सियासी टकराव के बीच यह मामला अब कानूनी लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है. फिलहाल मदन राठौड़ की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.