पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल, टीएमसी ने दो विधायकों को किया निष्कासित

पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल, टीएमसी ने दो विधायकों को किया निष्कासित

Major Upheaval in West Bengal Politics

Major Upheaval in West Bengal Politics

Major Upheaval in West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की सियासत इस समय अपने सबसे बड़े नाटकीय मोड़ पर पहुंच गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोमवार को एक बड़ा एक्शन लेते हुए अपने दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) और संदीपन साहा (Sandipan Saha) को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) द्वारा विधानसभा में किए गए एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे के ठीक कुछ मिनटों बाद की गई। इस पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) कर रही है और अब इसके तार टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) से भी जुड़ते दिख रहे हैं।

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में क्या खुलासा किया?

दरअसल, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में एक सनसनीखेज पर्दाफाश करते हुए बताया था कि इन दोनों विधायकों (ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा) ने विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) से एक गंभीर शिकायत की थी। विधायकों का दावा था कि उन्होंने विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के प्रस्ताव पत्र (Proposal Letter) पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

जब मामले की अंदरूनी जांच की गई तो पाया गया कि प्रस्ताव पत्र पर किए गए हस्ताक्षर और दोनों विधायकों की असली हैंडराइटिंग (Handwriting) आपस में मैच नहीं कर रही थी। यानी किसी ने विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (Forgery) किए थे।हरे स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज, CID ने संभाली जांच

हस्ताक्षर मिसमैच होने और फर्जीवाड़े का मामला सामने आते ही कोलकाता के हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन (Hare Street PS) में एक आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता और वीआईपी कनेक्शन को देखते हुए बाद में इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच राज्य की खुफिया एजेंसी सीआईडी (CID) को सौंप दी गई। सीआईडी अब इस बात का पता लगा रही है कि विधानसभा के आधिकारिक दस्तावेजों के साथ यह छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा किसके इशारे पर किया गया था।

सांसद अभिषेक बनर्जी को CID का बुलावा

इस मामले में टीएमसी को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब जांच की आंच सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई। सीआईडी (CID) ने इसी मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए टीएमसी सांसद और कद्दावर नेता अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को समन (Summon) जारी कर तलब किया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सीआईडी इस जालसाजी के पीछे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर सकती है।

कार्रवाई के बाद गरमाई बंगाल की राजनीति

मुख्यमंत्री के खुलासे के तुरंत बाद टीएमसी द्वारा अपने ही दोनों विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ने इन विधायकों के 'बागी' रुख और मुख्यमंत्री के दावों के बाद डैमेज कंट्रोल के तहत यह कदम उठाया है। अब देखना यह होगा कि सीआईडी की जांच में अभिषेक बनर्जी को समन जारी होने के बाद टीएमसी का इस पर क्या आधिकारिक रुख सामने आता है।