1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड नियमों में बड़े बदलाव संभव, जानिए आपके खर्च और टैक्स पर क्या होगा असर
- By Gaurav --
- Tuesday, 17 Feb, 2026
Major changes to credit card rules are possible from April 1,
1 अप्रैल 2026 से क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों के लिए कई अहम बदलाव लागू हो सकते हैं। आयकर विभाग ने हाल ही में ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 जारी किए हैं। अंतिम मंजूरी और सुझावों पर विचार के बाद ये नियम लागू हो सकते हैं और 1962 के पुराने नियमों की जगह ले सकते हैं।
₹10 लाख से ज्यादा भुगतान की रिपोर्टिंग अनिवार्य
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने एक वित्त वर्ष में अपने एक या अधिक क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान कुल मिलाकर ₹10 लाख या उससे अधिक किया है (कैश को छोड़कर किसी भी माध्यम से), तो बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था को इसकी जानकारी आयकर विभाग को देनी होगी।
इसके अलावा, यदि ₹1 लाख या उससे अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल नकद में चुकाया जाता है, तो उसकी भी रिपोर्टिंग की जाएगी। हालांकि इस तरह की रिपोर्टिंग का प्रावधान पहले भी नियमों में मौजूद था, लेकिन अब इसे नए सिरे से स्पष्ट और सख्त रूप में शामिल किया गया है।
पैन आवेदन में काम आएगा क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट
नए ड्राफ्ट नियमों के तहत, तीन महीने से कम पुराना क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट पैन कार्ड बनवाने के दौरान एड्रेस प्रूफ के रूप में मान्य होगा। यानी बैंक का ताजा क्रेडिट कार्ड बिल अब आपके पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जा सकेगा, बशर्ते वह निर्धारित समय सीमा के भीतर का हो।
अब क्रेडिट कार्ड से भी भर सकेंगे टैक्स
ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड को अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड में शामिल किया गया है। पहले डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध थे। अब करदाता क्रेडिट कार्ड के जरिए भी टैक्स चुका सकेंगे, जिससे भुगतान के समय अधिक लचीलापन मिलेगा।
कंपनी के क्रेडिट कार्ड पर टैक्स नियम
यदि किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया गया है और उसके खर्च—जैसे मेंबरशिप फीस या वार्षिक शुल्क—का भुगतान कंपनी करती है, तो इसे ‘परक्विजिट’ माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा। हालांकि यदि खर्च पूरी तरह आधिकारिक कार्य के लिए हुआ है और कंपनी उसके उचित दस्तावेज व प्रमाण प्रस्तुत करती है, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा।
क्रेडिट कार्ड के लिए पैन अनिवार्य
अब किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। बिना पैन के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य बड़े लेनदेन पर निगरानी रखना, टैक्स अनुपालन को मजबूत करना और फर्जी या बेनामी ट्रांजैक्शन पर रोक लगाना है।
इन प्रस्तावित बदलावों का सीधा असर बड़े खर्च करने वाले कार्ड धारकों और कॉरपोरेट कर्मचारियों पर पड़ सकता है।