सपा-कांग्रेस पर केशव मौर्य का तीखा हमला, कहा- अखिलेश की लठैतवादी गैंग कर रही सस्ती राजनीति

सपा-कांग्रेस पर केशव मौर्य का तीखा हमला, कहा- अखिलेश की लठैतवादी गैंग कर रही सस्ती राजनीति

Keshav Maurya launches a scathing attack on SP-Congress

Keshav Maurya launches a scathing attack on SP-Congress

Keshav Maurya launches a scathing attack on SP-Congress: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से कांग्रेस व समाजवादी पार्टी की स्वाभाविक चिढ़ रही है. इन दोनों दलों ने इंडी गठबंधन को भी अपने लपेटे में ले लिया है. उनका इस मामले में झूठ, भ्रम और जहर फैलाना एक खास शगल बन चुका है. पहले श्रीराम मंदिर का विरोध और अब उसके चढ़ावे पर जांच पूरी होने के पहले बेवजह विरोध करके अखिलेश यादव और उनकी ‘लठैतवादी मंडली’ एक प्रकार से घटिया राजनीति कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि SIT जांच के बाद FIR के बाद गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. यह तय है कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे. लेकिन, सनातन और राम विरोधी अपनी कुत्सित मानसिकता का परिचय देने से बाज नहीं आते. केशव प्रसाद मौर्य ने पूरे भरोसे के साथ कहा कि उनको ध्यान रखना चाहिए कि 2027 में फिर कमल खिलेगा. जय श्रीराम!

‘ये मुद्दा जनता के भरोसे का’

राम मंदिर के अभिषेक के दो साल बाद, जो भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक मील का पत्थर बन गया था, दान में गड़बड़ी के आरोपों ने एक गंभीर विवाद का रूप ले लिया है. ये विवाद 7 जून को तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे से ₹5 करोड़ से ₹7.5 करोड़ तक का दान हड़प लिया गया. उसी दिन, ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज कर दिया. चंपत राय ने कहा कि भक्तों द्वारा दिए गए हर रुपये का सही हिसाब-किताब रखा गया और उसका ऑडिट भी किया गया.

बाद में 7 जून को, SP अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि आस्था के लिए पारदर्शिता जरूरी है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने जवाबदेही की मांग शुरू कर दी, उनका तर्क था कि यह मुद्दा पार्टी की राजनीति का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का है. 25 जून को, AAP सांसद सबूत पेश करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश हुए.