FIFA World Cup 2026: केप वर्डे ने नॉकआउट में जगह बना रचा इतिहास, स्पेन से हार के बाद टूटा उरुग्वे का सपना
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: केप वर्डे ने अपने पहले ही टूर्नामेंट में FIFA वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में पहुंचकर इतिहास रच दिया. 27 जून को सऊदी अरब के साथ बिना किसी गोल के (0-0) ड्रॉ के बाद उन्होंने ग्रुप H में दूसरा स्थान हासिल किया. केप वर्डे ने लगातार तीसरा वर्ल्ड कप मैच ड्रॉ किया.
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित यह छोटा सा द्वीपीय देश, जो फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर अपना डेब्यू कर रहा है, पहले ही 2010 की चैंपियन स्पेन को 0-0 से ड्रॉ पर रोक चुका था और फिर उरुग्वे के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 2-2 से मैच ड्रॉ कराया था.
तीन अंक लेकर किया कमाल
केप वर्डे के तीन पॉइंट ने टीम को स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया. बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट में तीनों ग्रुप मैच ड्रॉ करने से अगले दौर में पहुंचने की गारंटी नहीं मिलती. लेकिन अतीत में कई टीमों ने ऐसा किया है, जिनमें 1958 में वेल्स, 1990 में आयरलैंड और नीदरलैंड, और 1998 में चिली शामिल हैं. हालांकि, 2010 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने भी तीन मैच ड्रॉ किए थे और बाहर हो गया था.
केप वर्डे बना सबसे छोटा देश
केप वर्डे ने लगातार तीसरा वर्ल्ड कप मैच ड्रॉ किया और ग्रुप स्टेज में एक शानदार सफर पूरा करते हुए नॉकआउट राउंड में जगह बनाने वाला सबसे छोटा देश बन गया. 5 लाख से कुछ ज्यादा आबादी वाले देश की फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर पहली उपस्थिति थी. जो कि वाकई में शानदार और काबिल-ए-तारीफ कहानी जैसी रही. इसके अलावा ग्रुप मैचों में इतिहास रचने के बाद, वे वर्ल्ड कप में अपने पहले ही टूर्नामेंट में बिना कोई मैच हारे 'राउंड ऑफ 32' में पहुंचने वाला तीसरा अफ्रीकी देश बन गया.
केप वर्डे का अर्जेंटीना से होगा मुकाबला
टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज यानी की राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन मेसी की टीम अर्जेंटीना से होगा. जो कि भारतीय समय के अनुसार 4 जुलाई को मियामी में सुबह 3:30 बजे से खेले जाएगा.
'छोटे द्वीप, बड़े सपने'
मैच से एक दिन पहले, केप वर्डे के कोच बुबिस्टा ने कहा था, 'हर किसी को सपने देखने का हक है और कुछ भी असंभव नहीं है.' केप वर्डे ने उन्हें सही साबित किया और मुश्किल हालात को पार करते हुए, राउंड ऑफ 32 में पहुंच गया. एक महिला, जिसके चेहरे पर द्वीपों के समूह का झंडा बना हुआ था, ने एक साइन बोर्ड पकड़ा हुआ था जिस पर लिखा था, 'छोटे द्वीप, बड़े सपने'.
कमजोर मानी जाने वाली इस टीम ने एक ऐसा सपना सच कर दिखाया है, जिसमें वे वर्ल्ड स्टेज पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने यह कामयाबी 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा के एक और जबरदस्त खेल की बदौलत हासिल की. टूर्नामेंट में उनकी सफलता ने उन्हें इंस्टाग्राम पर 1.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स बनाने में मदद की है.