भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी, तीसरी तिमाही में जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी

भारतीय अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी, तीसरी तिमाही में जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी

India GDP Q3 Growth 2026

India GDP Q3 Growth 2026

नई दिल्ली: India GDP Q3 Growth 2026: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था ने दिसंबर में समाप्त हुई तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की है. यह वृद्धि दर विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों द्वारा लगाए गए 7.2% के औसत अनुमान से काफी अधिक है, जो देश की मजबूत आर्थिक बुनियादी स्थिति को दर्शाती है.

नई जीडीपी शृंखला का प्रभाव

सरकार ने हाल ही में जीडीपी गणना के लिए आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है. इस नई शृंखला का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की वर्तमान बदलती तस्वीर, विशेष रूप से डिजिटल अर्थव्यवस्था, ई-कॉमर्स और उभरते सेवा क्षेत्रों को डेटा में शामिल करना है. नई पद्धति के तहत डेटा संग्रह में अधिक सटीकता और व्यापकता आई है, जिससे विकास दर के आंकड़ों में यह उछाल दिखाई दे रहा है.

विनिर्माण और खनन क्षेत्र में चमक

क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र ने सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 13.3 प्रतिशत की दोहरे अंकों वाली वृद्धि दर्ज की है. केंद्र सरकार की 'पीएलआई' (PLI) योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च ने औद्योगिक गतिविधियों को नई गति दी है. इसके अलावा, खनन क्षेत्र में 4.7% की बढ़त रही है.

कृषि और सेवाओं की स्थिति

हालांकि, कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर में गिरावट देखी गई है. पिछले वर्ष की इसी अवधि के 5.8% के मुकाबले इस बार कृषि विकास दर घटकर 1.4 प्रतिशत रह गई है, जिसका मुख्य कारण अनियमित मानसून और बेमौसम बारिश माना जा रहा है. दूसरी ओर, निर्माण (Construction) और सेवा क्षेत्र (Services) ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है.

पूरे वर्ष का संशोधित अनुमान

तीसरी तिमाही के इन उत्साहजनक आंकड़ों के बाद, सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए विकास दर के अनुमान को संशोधित कर 7.6 प्रतिशत कर दिया है. इससे पहले यह अनुमान 7.4% रहने की उम्मीद थी. इसके साथ ही, पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) के आंकड़ों को भी 8.2% से सुधारकर 8.4% कर दिया गया है.

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों और बढ़ती ब्याज दरों के बावजूद 7.8% की यह वृद्धि दर भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूती से स्थापित करती है. घरेलू मांग में सुधार और सरकारी निवेश इस विकास के प्रमुख स्तंभ बने हुए हैं.