मिडिल ईस्‍ट में जंग का असर... भारत में बढ़ी खुदरा महंगाई, इन चीजों के बढ़े दाम

मिडिल ईस्‍ट में जंग का असर... भारत में बढ़ी खुदरा महंगाई, इन चीजों के बढ़े दाम

Retail Inflation In February

Retail Inflation In February

नई दिल्ली: Retail Inflation In February: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण आंकड़े में, देश की खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी 2026 में मामूली बढ़त के साथ 3.21 प्रतिशत पर पहुंच गई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि जनवरी 2026 की तुलना में अधिक है, जब मुद्रास्फीति की दर 2.74 प्रतिशत दर्ज की गई थी.

यह डेटा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2024 को आधार वर्ष मानकर तैयार की गई नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक सीरीज का दूसरा मासिक आंकड़ा है.

महंगाई के मुख्य आंकड़े: एक नजर में

मंत्रालय के अनुसार, जनवरी की तुलना में फरवरी में मुद्रास्फीति में 0.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है. खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई दर सालाना आधार पर 3.47 प्रतिशत रही. आवास क्षेत्र में मुद्रास्फीति का अनुमान 2.12 प्रतिशत लगाया गया है. भले ही सालाना महंगाई बढ़ी हो, लेकिन मासिक आधार पर उपभोक्ताओं को राहत मिली है. जनवरी की तुलना में फरवरी में टमाटर, मटर और फूलगोभी जैसी प्रमुख सब्जियों की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.

नई सीरीज और आधुनिक बास्केट

सरकार ने इस साल जनवरी से मुद्रास्फीति की गणना के लिए 2012 के पुराने आधार वर्ष को बदलकर 2024 कर दिया है. यह बदलाव 2023-24 के घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) पर आधारित है. नई सीरीज का उद्देश्य आधुनिक भारत की उपभोग आदतों को सटीक रूप से दर्शाना है. अब इस बास्केट में OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज और स्मार्टफोन जैसे आधुनिक खर्चों को भी शामिल किया गया है, जबकि खाद्य वस्तुओं के वेटेज (भार) को थोड़ा कम किया गया है.

डेटा संग्रह की सटीकता

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने इस डेटा को तैयार करने के लिए देश भर के 1407 शहरी बाजारों और 1465 गांवों से साप्ताहिक आधार पर कीमतें एकत्र कीं. फरवरी के दौरान, 99 प्रतिशत से अधिक बाजारों से कीमतें प्राप्त हुईं, जो डेटा की विश्वसनीयता को दर्शाता है.

RBI के लिए क्या हैं इसके मायने?

वर्तमान में 3.21% की महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2% से 6% के सहिष्णुता बैंड के भीतर है. हालांकि जनवरी की तुलना में इसमें मामूली बढ़त हुई है, लेकिन यह अभी भी केंद्रीय बैंक के 4% के मध्यम लक्ष्य से नीचे बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिरता RBI को भविष्य की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों पर निर्णय लेने में लचीलापन प्रदान करेगी. अगला मुद्रास्फीति डेटा (मार्च 2026 के लिए) 13 अप्रैल को जारी होने की उम्मीद है.