जयपुर में हनीट्रैप और जबरन वसूली का मामला: मुख्य आरोपी दिशा बाबला गिरफ्तार
Honeytrap and Extortion Case in Jaipur
नई दिल्ली। Honeytrap and Extortion Case in Jaipur, जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप और जबरन वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिला दिशा बाबला को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने एक कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये की उगाही की।
पुलिस के अनुसार, मामला एक प्रतिष्ठित व्यवसायी से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिशा बाबला ने अपने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी को ब्लैकमेल किया और उससे करीब 90 लाख रुपये वसूल लिए। इस कार्रवाई को जयपुर पुलिस ने डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन में अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है।
एआई तकनीक का इस्तेमाल कर बनाया दबाव
पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि दिशा बाबला की नजर उसके करोड़ों रुपये के एआई प्रोजेक्ट पर थी। इसी उद्देश्य से उसने कारोबारी को निशाना बनाया और उस पर दबाव बनाने की साजिश रची।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी महिला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल कर कारोबारी की कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार किए। इसके बाद सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए उन्हें वायरल करने की धमकी दी गई। कारोबारी का कहना है कि इन वीडियो और तस्वीरों के आधार पर लगातार दबाव बनाया गया और मांगें पूरी नहीं करने पर बदनाम करने की चेतावनी दी जाती रही।
90 लाख वसूले, फिर 50 लाख और मांगे
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग के जरिए कारोबारी से करीब 90 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी उन्होंने 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर कारोबारी को झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी गईं। इससे वह लंबे समय तक मानसिक और आर्थिक दबाव में रहा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड धीरज कुमार नामक व्यक्ति है। महेश नगर थाना प्रभारी सुरेश यादव के अनुसार, दिशा बाबला से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के और भी शिकार हो सकते हैं, जो बदनामी के डर से अब तक सामने नहीं आए हैं।