हरियाणा की नई EV नीति: अब वाहन खरीदते ही मिलेगी सब्सिडी, 500 ई-बसें और 200 चार्जिंग स्टेशन की तैयारी
- By Gaurav --
- Thursday, 16 Jul, 2026
Haryana Plans Instant EV Subsidy
हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए अपनी ई-वाहन नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद सब्सिडी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार वाहन खरीदते समय ही सब्सिडी की राशि सीधे कीमत में समायोजित करने की योजना बना रही है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौजूदा ई-वाहन नीति को अधिक सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए, ताकि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, कारों और छोटे व्यावसायिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिल सके।
दिल्ली और केंद्र की EV नीति का होगा अध्ययन
ई-वाहन नीति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का प्रमुख राज्य है और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत तथा झज्जर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की ई-वाहन नीतियों का अध्ययन कर हरियाणा की नीति में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत-2047" विजन के अनुरूप प्रदूषण मुक्त और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
खरीदते ही मिलेगा सब्सिडी का लाभ
वर्तमान व्यवस्था में उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलने में काफी समय लग जाता है। नई प्रणाली के तहत पात्र खरीदार को वाहन खरीदते समय ही सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे वाहन की शुरुआती कीमत कम होगी और अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
NCR में 500 इलेक्ट्रिक बसें और 200 चार्जिंग स्टेशन
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग और केंद्र सरकार की पहल के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से 500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी।
इन बसों के संचालन के लिए 200 आधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। सरकार निजी क्षेत्र को भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे पूरे प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार हो सके।
स्वच्छ हवा के लिए व्यापक अभियान
सरकार केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित न रहकर वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान भी चलाएगी। इसके तहत नए ई-थ्री व्हीलर खरीदने, पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को बदलने, उद्योगों में स्वच्छ डीजी सेट के उपयोग, कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (CEMS), धूल नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, पराली जलाने की घटनाओं में कमी, बायो-डीकंपोजर के उपयोग और वायु गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
2027 तक लागू नीति में होंगे बड़े बदलाव
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान ई-वाहन नीति वर्ष 2027 तक प्रभावी है, लेकिन बदलती तकनीक और नई आवश्यकताओं को देखते हुए इसमें व्यापक संशोधन किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की प्रक्रिया को अधिक आसान, सस्ता और सुविधाजनक बनाना है, जिससे हरियाणा में स्वच्छ एवं हरित परिवहन को नई गति मिल सके।