दिल्ली में शुरू हुआ 'हीट स्मार्ट स्कूल' मॉडल, बच्चों को हीटवेव से बचाने की नई पहल
- By Gaurav --
- Thursday, 16 Jul, 2026
Delhi Launches ‘Heat Smart School
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शालीमार बाग स्थित बीटी ब्लॉक सर्वोदय बाल विद्यालय में 'हीट स्मार्ट स्कूल' पायलट प्रोजेक्ट का उच्चस्तरीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, इस दौरे का आयोजन जिला प्रशासन (सेंट्रल-नॉर्थ), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और GIZ इंडिया के संयुक्त सहयोग से किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल परिसर में लागू किए गए विभिन्न जलवायु-अनुकूल उपायों का निरीक्षण किया, जिनका उद्देश्य भीषण गर्मी के दौरान विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल से जुड़े सभी विभागों और सहयोगी संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य को देखते हुए इस प्रकार की पहल समय की आवश्यकता है और भविष्य में इसे राजधानी के अधिक स्कूलों में लागू किया जाएगा।
दौरे में एनडीएमए के सदस्य सचिव कृष्णा एस. वत्सा, सेंट्रल-नॉर्थ जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह परिहार, जर्मन दूतावास के आर्थिक सहयोग एवं विकास विभाग के द्वितीय सचिव जोहान्स श्नाइडर, GIZ इंडिया की निदेशक रचना अरोड़ा, प्रोजेक्ट मैनेजर मेघना क्षीरसागर, ADRA इंडिया के कंट्री डायरेक्टर संतोष श्रीकांत पट्टार, विद्यालय के प्राचार्य विक्रम यादव तथा दिल्ली सरकार और अन्य सहयोगी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कूल रूफ (ठंडी छतें), छायादार कॉरिडोर और प्रतीक्षा क्षेत्र, स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था, छात्रों द्वारा संचालित जागरूकता अभियान, हीटवेव सुरक्षा संबंधी सूचना बोर्ड तथा बच्चों के लिए गर्मी से बचाव पर आधारित शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लागू 'दिल्ली हीट एक्शन प्लान' का व्यावहारिक विस्तार है, जो स्कूल स्तर पर जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
एनडीएमए के सदस्य सचिव कृष्णा एस. वत्सा ने कहा कि हीटवेव भारत के सामने उभरती सबसे बड़ी जलवायु चुनौतियों में से एक है। उन्होंने स्कूलों सहित सार्वजनिक संस्थानों में जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे, जागरूकता और तैयारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'हीट स्मार्ट स्कूल' मॉडल बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के साथ-साथ उन्हें जलवायु जागरूकता का दूत भी बनाता है।