Haryana Government Hospitals

हरियाणा के सरकारी अस्पताल होंगे निजी अस्पतालों से बेहतर, सीएम नायब सैनी का बड़ा दावा

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को जल्द ही निजी अस्पतालों से भी अधिक सुविधासंपन्न बनाया जाएगा। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और अस्पतालों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि आम लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री ने रविवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं, सरकारी अस्पतालों के नवीनीकरण और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत और नूंह सहित 12 जिलों के अस्पतालों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

सीएम सैनी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ने के कारण आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में जहां केवल 8.83 प्रतिशत मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 32 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस अवधि के दौरान सरकार द्वारा 126 करोड़ रुपये के उपचार बिलों का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सिविल सर्जनों की वित्तीय स्वीकृति सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए, ताकि छोटी-छोटी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय बर्बाद न हो।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे समेत लगभग 140 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा सभी प्रयोगशालाओं को हाईटेक बनाने, अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, वातानुकूलन (एसी) और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की छतों पर सोलर पैनल लगाने तथा उन्हें नेट मीटरिंग प्रणाली के माध्यम से बिजली ग्रिड से जोड़ने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि इससे ऊर्जा बचत के साथ-साथ सरकारी संस्थानों के बिजली खर्च में भी कमी आएगी।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।