झारखंड में हर परिवार को आवास देने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए तेज़ी से काम के निर्देश
Goal to Provide Housing to Every Family in Jharkhand
रांची। Goal to Provide Housing to Every Family in Jharkhand, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा है कि गांवों में कोई भी परिवार आवासविहीन न हो। जिनके पास आवास नहीं है या जिनके मिट्टी के आवास जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, उनकी पहचान कर शीघ्र योजनाओं का लाभ पहुंचाएं ताकि उन्हें आवास मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में ये निर्देश दिए। कहा कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर आवास योजना के कार्यान्वयन में अधिकारी तेजी लाएं। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी उपस्थित थीं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाकर विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग इन महिलाओं को हर संभव मदद करते हुए योजनाओं का लाभ पहुंचाए।
कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि सोलर पावर उत्पादन के क्षेत्र में भी कार्य कर आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में उन्हें प्रशिक्षण देकर प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि एसएचजी से जुड़ी माताओं, बहनों को आगे बढ़ने के लिए व्यापक सहयोग किए जाएं ताकि महिलाएं कुछ नया और बेहतर करें। बिरसा हरित ग्राम योजना का जिलावार डाटा बेस तैयार करें ताकि बेहतर विकल्प पर कार्य किया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार वर्णवाल, जेएसएलपीएस के अनन्य मित्तल आदि उपस्थित थे।
गठित होंगे पांच हजार नए सखी मंडल
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पाद की मैपिंग कर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों ने बताया कि जेएसएलपीएस अंतर्गत पांच हजार नए सखी मंडल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसमें 60 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य है। सभी सखी मंडलों के विकास के लिए बैंक से पांच हजार करोड़ रुपए ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग द्वारा ढाई लाख नए महिलाओं को आजीविका के विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
दूसरे राज्यों में भी स्थापित हो पलाश मार्ट
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पाद को बाजार उपलब्ध कराने के लिए दूसरे राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानों में भी पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य के मुख्य पर्यटन स्थलों में भी पलाश मार्ट के लिए स्थान देने को कहा।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि कांके रोड, रांची में बनाए जा रहे नवनिर्मित पलाश मार्ट भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस वर्ष और छह पलाश मार्ट बनाए जाने का लक्ष्य है तथा आने वाले वर्षों में सभी जिलों में पलाश मार्ट भवन बनाए जाने की भी योजना है।
सखी मंडल को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का दें प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में जूट प्रोसेसिंग से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए रा-मैटेरियल की क्या स्थिति है, इसमें सुधार एवं मार्केटिंग की कितनी संभावनाएं हैं, इस पर विशेष कार्य योजना बनाते हुए कार्य को गति प्रदान करें।
विभाग एसएचजी की महिलाओं को नवाचार एवं आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु उत्पादन क्षेत्र में भी यहां असीम संभावनाएं हैं। विभाग वैसे क्षेत्रों को चिन्हित करे जहां मधु का ज्यादा उत्पादन होता है।
मुख्यमंत्री के अन्य निर्देश
- मंइयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, ओल्ड एज महिलाएं तथा विधवा महिलाओं को भी सेल्फ हेल्फ ग्रुप से जोड़े।
- स्वयं सहायता समूहों को बैंक से लिंकेज कराएं। प्रखंड स्तर पर स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) में दीदी कैफे का संचालन हो।
- ग्राम पंचायतों में बैठक कर वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए ग्रामीणों को जोड़ें।
- जब हम जल संचय पर बेहतर कार्य करेंगे तभी लिफ्ट इरीगेशन की परियोजनाएं सफल होगी।