GMDA Approves ₹149 Crore Expansion

गुरुग्राम को मिलेगा ज्यादा पानी, बसई वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का 149 करोड़ रुपये से होगा विस्तार

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GMDA Approves ₹149 Crore Expansion

गुरुग्राम। बढ़ती आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को देखते हुए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने बसई जल शोधन संयंत्र (Basai Water Treatment Plant) के विस्तार की योजना को मंजूरी दे दी है। करीब 149 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद संयंत्र की जल शोधन क्षमता 270 एमएलडी से बढ़कर 370 एमएलडी हो जाएगी, जबकि जल भंडारण क्षमता में 600 मिलियन लीटर की बढ़ोतरी होगी।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने बताया कि इस परियोजना को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में मंजूरी दी गई है। परियोजना का निर्माण कार्य लगभग 30 माह में पूरा किया जाएगा।

परियोजना के तहत 100 एमएलडी क्षमता की नई फिल्ट्रेशन यूनिट (यूनिट-4) स्थापित की जाएगी। इसके अलावा 300-300 मिलियन लीटर क्षमता के दो सेडिमेंटेशन एवं स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही रॉ वॉटर पाइपलाइन, आधुनिक ऑटोमेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम तथा अन्य आवश्यक सिविल कार्य भी किए जाएंगे।

पी.सी. मीणा के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम के मौजूदा और नए विकसित हो रहे क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता के कारण अधिक मांग के समय और प्लांट के रखरखाव के दौरान भी जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी। इससे शहर के अंतिम छोर तक स्थित क्षेत्रों में भी निर्बाध पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

वर्तमान में बसई और चंदू बुढ़ेडा जल शोधन संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 670 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। बसई प्लांट की मौजूदा क्षमता 270 एमएलडी और चंदू बुढ़ेडा प्लांट की क्षमता 400 एमएलडी है। विस्तार के बाद बसई प्लांट की कुल जल भंडारण क्षमता बढ़कर लगभग 2,000 मिलियन लीटर हो जाएगी।

जीएमडीए का कहना है कि गुरुग्राम के तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए जलापूर्ति अवसंरचना का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है, ताकि भविष्य में भी शहर के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।