हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अब तक नहीं टूटी नींद!
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अब तक नहीं टूटी नींद!

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अब तक नहीं टूटी नींद!

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अब तक नहीं टूटी नींद!

वीजेपी और आप की तैयारियां जोरों पर

पड़ोसी राज्य पंजाब की हार से भी सवक नहीं ले रहे हिमाचल के  कांग्रेसी 

विवेक अग्रवाल की कलम से ....

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी से लेकर राज्य में राजनीतिक जमीन तलाश रही आम आदमी पार्टी भी गतिविधियां बढ़ा रही है। खास बात है कि चुनावी राज्य में कांग्रेस नदारद है। पहाड़ी राज्य में इस साल के अंत तक चुनाव संभव हैं। इसके अलावा एक और भाजपा शासित राज्य गुजरात भी साल के अंत तक चुनावी दौर से गुजरेगा।
22 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने  कांगड़ा से नागरोटा बागवां  तक रोड शो कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा । वहीं, इसके बाद उनहोंने  नागरोटा बागवां  के गांधी ग्राउंड में एक रैली भी करी ।  साथ ही  इसके बाद नड्डा ने  पार्टीे के  वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से मुलाकात कर चुनावी फीडबैक लिया । इस दौरान भाजपा प्रमुख कांगड़ा स्थित बृजेश्वरी माता मंदिर भी गए , हाल ही के महीनों में नड्डा दूसरी बार अपने गृहराज्य पहुंच रहे हैं।

नड्डा की रैली के बाद आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांगड़ा जिले के शाहपुर में रोड शो कर चुनावी फसल वीजने की कोशिश करी  और रैली को संबोधित कर अपने  तरकश से अपने अंदाज में चुनावी तीर छोड़कर भाजपा और कांग्रेस को अपनी चुनावी रूपरेखा वदलने पर विवश करने का काम कर दिया । खास बात है कि सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों के चलते यह जिला सभी पार्टियों की नजर में हैं। हिमाचल प्रदेश की कुल 68 में से 15 कांगड़ा में हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में राज्य की 44 सीटें जीतकर सत्ता हासिल करने वाली भाजपा ने इस क्षेत्र में 11 सीटें अपने नाम की थी। जबकि, कांग्रेस यहां 3 सीटें हासिल कर सकी थी। कहा जा रहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृ्त्व वाली आप पहाड़ी राज्य में कांग्रेस की जगह लेने की कोशिश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा था कि रैली के दौरान कुछ कांग्रेस नेता आप का हिस्सा बन सकते थे ।।पर ऐसा वडे सतर पर कुछ देखने को नहीं मिला ।
वीजेपी ओर आप  के नेताओं के आम जनता के वीच उतरने के वावजूद कांग्रेस के नेता दिल्ली दौरों में ही वयसत दिख रहें हैं ।पंजाब में मिली करारी हार से भी प्रदेश के कांग्रेसी  कोई सवक नी ले रहे और हाट सीट की लड़ाई में वुरी तरह सै उलझी कांग्रेस आम जनता से दूर होती नजर आ रही है ।कहना गलत नहीं होगा कि अगर ऐसे ही हालात कांग्रेस ने यहाँ रखे और पंजाब मे   हाट सीट के लिए नेताओं की हुई आपसी वयानवाजी से भी कोई सवक नहीं लिया तो वह सता की कुरसी से दूर होती चली जाएगी ।
 आप नेता राकेश चौधरी ने कहा कि कांगड़ा में आप की रैली भाजपा के लिए 'आंख खोलने वाली' रही । इधर, हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सुरेश कश्यप का कहना है कि आप का राज्य में कोई प्रभाव नहीं है।