रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए ड्राइविंग लाइसेंस और भूमि सुधार को लेकर कई निर्देश

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए ड्राइविंग लाइसेंस और भूमि सुधार को लेकर कई निर्देश

Chief Minister Hemant Soren Issues Several Directives

Chief Minister Hemant Soren Issues Several Directives

रांची। Chief Minister Hemant Soren Issues Several Directives, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था करने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने पंचायतो में कैंप लगाने को कहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाइसेंस की सुविधा मिल सके।

सोमवार को परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ एवं ‘हिट एंड रन मुआवजा योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।

गुरुजी आपातकालीन सेवा की होगी शुरुआत

विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944’ प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक के क्रम में भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण को लेकर भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफार्म पर सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी।

नागरिक यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण/अर्जन की प्रक्रिया में है, अधिग्रहित की जा चुकी है अथवा पूरी तरह मुक्त है।इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटलीकृत कर उन्हें एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना के अभाव या विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने अधिग्रहित भूमि के संबंधित विभागों अथवा उपयोगकर्ता एजेंसियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और भूमि से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम एवं प्रभावी बनेंगी।

सीएम ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज़) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।

सीएम ने निर्देश दिया कि खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण एवं मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके।

इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी को समय पर चिह्नित कर कर सुधारा जा सके।

बैठक में विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव राजीव रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारी
उपस्थित थे।

स्मार्ट सिटी में बन रहे ट्रैफिकक पार्क का देखा प्रजेंटेशन

रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जमशेदपुर में समय पर आइडीटीआर को पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जमशेदपुर में स्थापित किए जा रहे इंस्टीट्यूट आफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आइडीटीआर) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से व्यावसायिक एवं प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी।

इसी क्रम में धनबाद में विकसित किए जा रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने के निर्देश दिए, ताकि वाहनों की फिटनेस जांच पारदर्शी, सटीक एवं मानकीकृत तरीके से की जा सके।

उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा वाहन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं जिला सड़क सुरक्षा समितियों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की।

सरकारी कार्यालयों में पड़ी अनुपयोगी गाड़ियों के निस्तारण के लिए बनाए ठोस मॉडल

वाहन परीक्षण एवं स्क्रैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी परिसरों में खड़ी अनुपयोगी गाड़ियों के निस्तारण के लिए एक ठोस माडल विकसित करने पर बल दिया।

खराब एवं पुलिस मामलों से संबंधित वाहनों के निस्तारण के लिए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ठोस रणनीति बनाने को कहा, ताकि थाना परिसरों की साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।